कटनी। 12 दिन बाद भी Archana Tiwari का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। 7 अगस्त को चलती train से रहस्यमयी तरीके से लापता हुई अर्चना की तलाश अब तक नाकाम रही है। परिवार की चिंता गहराती जा रही है और मानव तस्करी की आशंका जताते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से CBI जांच की मांग की है। इस बीच घर पर अर्चना की सलामती के लिए महामृत्युंजय जाप कराया गया।
परिवार की बढ़ती चिंता और पूजा-पाठ
कटनी के मंगल नगर स्थित निवास पर परिवार ने विशेष पूजा-पाठ कर अर्चना की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना की। बड़े पिता प्रकाश तिवारी ने कहा कि जैसे-जैसे समय बीत रहा है, परिवार का स्वास्थ्य और चिंता दोनों बढ़ रहे हैं। पुलिस की जांच पर असंतोष जताते हुए उन्होंने साफ कहा कि मामला बेहद गंभीर है और सीबीआई स्तर की जांच जरूरी है।
कैसे हुई गुमशुदगी?
अर्चना तिवारी 7 अगस्त को इंदौर से कटनी आने के लिए नर्मदा एक्सप्रेस के एसी कोच बी3 में सवार हुई थीं। अगले दिन जब परिजन कटनी साउथ स्टेशन पर पहुंचे, तो उनकी सीट पर सिर्फ बैग मिला। बैग में राखी, रूमाल और बच्चों के लिए गिफ्ट रखे थे। मोबाइल भी बंद था और अर्चना का कोई अता-पता नहीं था।
पुलिस और GRP की तलाश
सूचना मिलते ही पुलिस और GRP ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। नदी, रेलवे ट्रैक और जंगलों में खोजबीन की गई। भोपाल से बिलासपुर तक की लोकेशन खंगाली गई। ओबेदुल्लागंज और बरखेड़ा के जंगलों में भी तलाश हुई, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली।
परिवार ने जताई मानव तस्करी की आशंका
परिवार को शक है कि अर्चना को प्रदेश से बाहर ले जाया गया है और उसके साथ मानव तस्करी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसीलिए उन्होंने मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत तौर पर गुहार लगाई है कि मामले की CBI जांच कराई जाए, ताकि अर्चना का सुराग जल्द से जल्द मिल सके।