श्रावण मास यानी भक्ति, आस्था और शिव उपासना का विशेष समय। इस पवित्र महीने में देशभर के श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष रूप से तीर्थस्थलों की ओर रुख करते हैं। अगर आप भी सावन के दौरान उज्जैन जाने की योजना बना रहे हैं, तो यह समय बाबा महाकाल के दर्शन के लिए सबसे शुभ माना जाता है। लेकिन उज्जैन सिर्फ महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग तक ही सीमित नहीं है — यहां ऐसे कई प्राचीन और दिव्य मंदिर हैं, जहां जाना आध्यात्मिक यात्रा को और भी समृद्ध बना सकता है।
1. महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर
सावन में महाकालेश्वर मंदिर की महिमा और भी बढ़ जाती है। बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक यह मंदिर भूमिगत गर्भगृह और भस्म आरती के लिए विश्व प्रसिद्ध है। सावन के सोमवार को यहां लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए उमड़ते हैं।
2. हरसिद्धि माता मंदिर
महाकाल मंदिर से थोड़ी ही दूरी पर स्थित यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है। यहां माता के तीन दिव्य रूपों की पूजा होती है। खास बात ये है कि यहां की दीपमालाएं रात में रोशनी से जगमगाती हैं, जो दर्शकों को एक अलौकिक अनुभव कराती हैं।
3. काल भैरव मंदिर
महाकाल की नगरी में काल भैरव का मंदिर विशेष महत्व रखता है। यहां भक्त बाबा को मदिरा का भोग अर्पित करते हैं, जो एक अनोखी परंपरा है। सावन में यहां का वातावरण भक्तिरस से सराबोर रहता है।
4. चिंतामन गणेश मंदिर
उज्जैन रेलवे स्टेशन से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह मंदिर भगवान गणेश के प्राचीनतम मंदिरों में से एक है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां दर्शन मात्र से सभी प्रकार की चिंताओं का नाश होता है।
5. सिद्धवट और राम घाट
सावन में क्षिप्रा नदी के किनारे स्थित राम घाट पर स्नान करना पवित्र माना जाता है। पास ही सिद्धवट का स्थान है, जहां साधु-संत ध्यान और तपस्या करते हैं।