मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। इंद्रा प्रियदर्शनी कॉलेज से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामले में उनके खिलाफ दर्ज FIR और SIT जांच पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। सुनवाई के दौरान अदालत ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि सभी पक्षों को सुने बिना इस तरह का अंतरिम आदेश देना उचित नहीं था। साथ ही अदालत ने संबंधित पक्षों से जल्द जवाब मांगा है।
हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
इंद्रा प्रियदर्शनी कॉलेज से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामले में हाईकोर्ट ने कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ FIR दर्ज करने और SIT गठित करने के निर्देश दिए थे। अदालत ने जांच एजेंसी को तीन महीने के भीतर रिपोर्ट पेश करने का आदेश भी दिया था। हालांकि इस फैसले को चुनौती देते हुए आरिफ मसूद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, जहां सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है।
सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी भी मामले में इस तरह का अंतरिम आदेश देने से पहले सभी पक्षों की बात सुनना जरूरी होता है। अदालत ने संकेत दिया कि बिना सभी पक्षों को सुने FIR दर्ज करने और SIT जांच का निर्देश देना उचित प्रक्रिया नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर अदालत ने फिलहाल आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाई है।
आरिफ मसूद की ओर से रखी गई दलील
मामले की सुनवाई के दौरान आरिफ मसूद की ओर से अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद विवेक तंखा ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को सुने बिना ही FIR दर्ज करने और SIT गठित करने का आदेश दे दिया गया, जो जल्दबाजी में लिया गया फैसला है। उनका तर्क था कि सरकार और अन्य पक्षों का जवाब आए बिना इस तरह की कार्रवाई न्यायसंगत नहीं मानी जा सकती।
सभी पक्षों को नोटिस जारी
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए जल्द से जल्द अपना जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी। फिलहाल FIR और SIT जांच पर रोक के चलते मामले में कोई नई कार्रवाई नहीं होगी।
क्या है इंद्रा प्रियदर्शनी कॉलेज मामला
यह पूरा मामला भोपाल स्थित इंद्रा प्रियदर्शनी कॉलेज से जुड़े कथित फर्जीवाड़े से संबंधित है। हाईकोर्ट ने कॉलेज के संचालन को जारी रखने की राहत दी थी, लेकिन नए एडमिशन पर रोक लगा दी थी। इसी आदेश में विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ FIR दर्ज करने और SIT से जांच कराने के निर्देश दिए गए थे। अब सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद इस मामले की आगे की दिशा अगली सुनवाई में तय होगी।