Army Chief big statement: आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने एक बार फिर ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सैनिकों के साहस और शानदार समन्वय की प्रशंसा की है। NDIM के 27वें कॉन्वोकेशन में संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन एक ऐसे ऑर्केस्ट्रा की तरह था, जिसमें हर यूनिट ने तालमेल के साथ काम किया। जनरल द्विवेदी ने बताया कि भारतीय सेना ने शुरूआती 22 मिनट में ही 9 आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया और पूरा अभियान 88 घंटे में सफलतापूर्वक समाप्त हो गया। उन्होंने कहा कि पहलगाम में पर्यटकों पर हमले के बाद 7 मई को लॉन्च किए गए इस ऑपरेशन ने भारत की सैन्य तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को दुनिया के सामने साबित किया।
पाकिस्तान को मिला कड़ा जवाब
अपने संबोधन में आर्मी चीफ ने बताया कि कैसे भारतीय सेना ने पाकिस्तान की ओर स्थित कई आतंकी ठिकानों को सटीक निशाने पर लिया। ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य ठिकानों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने जवाब में उसके कई एयरबेस को तबाह कर दिया। जनरल द्विवेदी ने कहा कि पाकिस्तान को अंततः भारतीय शक्ति के आगे झुकना पड़ा और सीजफायर की बातचीत शुरू करनी पड़ी। उन्होंने पहले भी कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक “88 घंटे का ट्रेलर’’ था, और भारतीय सेना भविष्य में किसी भी परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है।
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इंटीग्रेशन, सप्लाई और तेज फैसलों पर जोर
जनरल द्विवेदी ने अपने भाषण में तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं का उल्लेख किया—सेनाओं के बीच बेहतर इंटीग्रेशन, लंबी लड़ाई के लिए सप्लाई चेन मजबूत रखना और कमांड के हर स्तर पर समय पर निर्णय लेने की क्षमता। उन्होंने कहा कि हर ऑपरेशन देश को नई सीख देता है और सिंदूर ने साबित किया कि भारत की सेनाएं कम समय में बड़े फैसले लेने में सक्षम हैं। जनरल द्विवेदी ने रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने के संकल्प को भी दोहराया।