
CQB Carbines: भारतीय सेना को अब 4.25 लाख स्वदेशी क्लोज क्वार्टर बैटल (CQB) कार्बाइन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। इस अत्याधुनिक हथियार की आपूर्ति के लिए दो भारतीय कंपनियों के साथ करार किया गया है। 2,770 करोड़ रुपये के इस सौदे पर हस्ताक्षर हो चुके हैं और अगले एक साल में सेना को इसकी डिलीवरी शुरू हो जाएगी। यह हल्का लेकिन बेहद प्रभावी हथियार आतंकवाद-रोधी अभियानों में सैनिकों की क्षमता को कई गुना बढ़ा देगा। लंबे समय से सेना को ऐसे हथियार की जरूरत महसूस हो रही थी, जो नजदीकी लड़ाई में कारगर हो।
दो भारतीय कंपनियों को मिला ठेका
रिपोर्ट के अनुसार, यह करार कल्याणी स्ट्रैटजिक सिस्टम्स लिमिटेड और अडानी ग्रुप की डिफेंस कंपनी पीएलआर सिस्टम्स के साथ हुआ है। इसमें कल्याणी कंपनी का हिस्सा 60% होगा, जबकि बाकी निर्माण ग्वालियर के पास अडानी की यूनिट करेगी। सेना के डायरेक्टर जनरल इंफैंट्री लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार ने बताया कि “स्वदेशी तकनीक से बनी यह कार्बाइन अगले साल तक सैनिकों के हाथ में होगी।” गौरतलब है कि बीते 15 सालों से सेना इस तरह की आधुनिक कार्बाइन खरीदने की कोशिश कर रही थी, लेकिन कई बार यह योजना विवादों और आयात संबंधी अड़चनों में फंसती रही।
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मिसाइल, ड्रोन और बुलेटप्रूफ उपकरणों की भी तैयारी
कार्बाइन के अलावा सेना ने 12 लॉन्चर के साथ 104 जेवलिन एंटी-टैंक मिसाइल खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू की है। ये मिसाइलें भी देश में ही निर्मित की जाएंगी। इसके साथ ही सेना बुलेटप्रूफ हेलमेट, वेस्ट, लाइट प्रोटेक्टेड वाहन और नाइट-विजन साइट्स खरीदने की तैयारी में है। रक्षा सूत्रों के मुताबिक, भारतीय सेना नौ ड्रोन प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रही है, जो निगरानी और हमले दोनों के लिए इस्तेमाल होंगे। सेना की 380 बटालियनों में अब “अशनि प्लाटून” का गठन किया गया है, जिसका मुख्य फोकस बिना पायलट वाले विमानों और आधुनिक ड्रोन वारफेयर पर रहेगा।