पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन अलीमा खान के खिलाफ दो साल पुराने डी-चौक मामले में आतंकवाद विरोधी अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। अलीमा खान पर सरकार विरोधी नारेबाजी, तोड़-फोड़ और हिंसा में शामिल होने का आरोप है। रिपोर्ट के अनुसार, रावलपिंडी आतंकवाद विरोधी अदालत (एटीसी) के जज अमजद अली शाह ने 80,000 का जुर्माना न भरने पर अवमानना नोटिस जारी किया। कोर्ट में गुरुवार को देर से पेश होने पर अलीमा खान के खिलाफ जमानती अरेस्ट वारंट भी जारी किया।
अलीमा खान के खिलाफ आरोप:
पहला सरकार विरोधी प्रदर्शन में शामिल होना है। सरकार विरोधी नारे लगाना। इसके साथ तोड़-फोड़ और पत्थरबाजी में शामिल होना
ये हुर्ई कार्रवाई:
- जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी
- 80 हजार रुपये का जुर्माना
- बैंक खातों को फ्रीज करने का आदेश
- पासपोर्ट और राष्ट्रीय पहचान पत्र को ब्लॉक करने का आदेश
13 नवंबर, 2023 को इमरान ने 24 नवंबर को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के लिए फाइनल कॉल किया, जिसमें पीटीआई के चुनावी जनादेश को बहाल करने, जेल में बंद पार्टी सदस्यों को रिहा करने और 26वें संशोधन को रद्द करने की मांग की गई थी। इसके बारे में उन्होंने दावा किया था कि इसने एक तानाशाही सत्ता को ताकत दी है। यह विरोध प्रदर्शन इस्लामाबाद के डी-चौक में हुआ, जहां समर्थक खान के आह्वान पर पाकिस्तान के अलग-अलग प्रांतों से आए थे। सरकार ने बातचीत की किसी भी संभावना को खारिज कर दिया और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एक ऑपरेशन किया गया। इसके बाद पीटीआई नेतृत्व को मौके से भागना पड़ा। 26 नवंबर को ऑपरेशन के साथ ही विरोध प्रदर्शन खत्म हो गया।