Aryaveer Sehwag Fifty : भारत और ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 टीमों के बीच खेले गए दूसरे यूथ वनडे में एक बार फिर आर्यवीर सहवाग चर्चा का केंद्र बन गए। वीरेंद्र सहवाग के बेटे ने मैदान पर वही आक्रामक तेवर दिखाए, जिसके लिए उनके पिता दुनिया भर में मशहूर रहे हैं। राजकोट के मैदान पर आर्यवीर ने शुरुआत से ही ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर दबाव बनाया और चौकों की झड़ी लगा दी। उनकी बल्लेबाजी ने भारतीय टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई और फैंस को सहवाग के पुराने दिनों की याद दिला दी।
चौकों से सजाई शानदार पारी
आर्यवीर ने 48 गेंदों पर 47 रन की तेजतर्रार पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से 9 शानदार चौके निकले। क्रीज पर आते ही उन्होंने आक्रामक रुख अपनाया और खराब गेंदों को बाउंड्री तक पहुंचाने में कोई गलती नहीं की। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज लगातार लाइन बदलते रहे, लेकिन आर्यवीर का आत्मविश्वास बढ़ता ही गया। उनकी बल्लेबाजी देखकर लग रहा था कि इस बार बड़ा स्कोर देखने को मिल सकता है।
रन आउट ने तोड़ दिया सपना
जब आर्यवीर अपने पहले अंडर-19 अर्धशतक की ओर बढ़ रहे थे, तभी एक दुर्भाग्यपूर्ण पल आया। भारतीय पारी के 19वें ओवर में जैक जोस्नेक की तेजी और सटीक थ्रो ने उनका सफर रोक दिया। आर्यवीर 47 रन बनाकर रन आउट हो गए और सिर्फ तीन रन से अपने पहले अंडर-19 पचासे से चूक गए। सेट बल्लेबाज का इस तरह आउट होना भारतीय ड्रेसिंग रूम और फैंस दोनों के लिए निराशाजनक रहा।
डेब्यू मैच में भी छोड़ी थी छाप
आर्यवीर ने इस सीरीज के पहले मुकाबले में भी अपने इरादे साफ कर दिए थे। डेब्यू मैच में उन्होंने 26 गेंदों पर 28 रन बनाए थे और 5 चौके जड़े थे। बारिश से प्रभावित उस मुकाबले में भारत ने 7 रन से जीत दर्ज की थी। लगातार दूसरे मैच में भी आर्यवीर ने आक्रामक बल्लेबाजी कर यह संकेत दे दिया कि वह सिर्फ नाम के सहारे नहीं, बल्कि अपने प्रदर्शन के दम पर पहचान बनाना चाहते हैं।
द्रविड़ के बेटे के साथ भी बनी चर्चा
इस सीरीज में सिर्फ आर्यवीर ही नहीं, बल्कि राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ भी चर्चा में हैं। पहले मुकाबले में अन्वय ने 18 गेंदों पर 38 रन की विस्फोटक पारी खेली थी। ऐसे में भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गजों के बेटों पर फैंस की खास नजर बनी हुई है। हालांकि दूसरे वनडे में सारी सुर्खियां आर्यवीर की 47 रन वाली पारी ने बटोर लीं।
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आगे भी रहेगा नजरों का केंद्र
भले ही आर्यवीर अपना पहला अर्धशतक पूरा नहीं कर पाए, लेकिन उनकी बल्लेबाजी ने चयनकर्ताओं और क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान जरूर खींचा है। ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ लगातार प्रभाव छोड़ना उनके आत्मविश्वास को और मजबूत करेगा। अब सभी की नजरें सीरीज के अगले मुकाबलों पर हैं, जहां आर्यवीर के पास पहली अंडर-19 फिफ्टी पूरी करने और अपनी छाप और गहरी करने का सुनहरा मौका होगा।