मध्यप्रदेश के अशोकनगर में 8 जुलाई को कांग्रेस का जेल भरो आंदोलन होने जा रहा है। इसको लेकर जिला प्रशासन सतर्क है और पुलिस बल तैनात करने से लेकर होटल-धर्मशालाओं के अधिग्रहण तक के निर्देश जारी कर दिए हैं। कांग्रेस ने प्रशासनिक फैसलों पर आपत्ति जताई है और इसे विपक्ष को दबाने की कोशिश बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करेंगे, लेकिन प्रशासन अनावश्यक सख्ती दिखा रहा है।
प्रशासन अलर्ट, होटल-धर्मशालाएं अधिग्रहित
अशोकनगर में प्रस्तावित आंदोलन को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। 8 जुलाई को होने वाले कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर पुलिस को विशेष इंतजाम करने को कहा गया है। इसके तहत शहर के मैरिज गार्डन, होटल और धर्मशालाओं को अधिग्रहित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कानून व्यवस्था में कोई बाधा न आए।
कांग्रेस का आरोप— 'ये तुगलकी फरमान है'
कांग्रेस ने प्रशासन की सख्ती को विपक्ष के खिलाफ साजिश करार दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और मीडिया विभाग के प्रमुख ने बयान दिया कि यह आदेश विपक्ष को कुचलने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता
अपने घरों में ही नेताओं को ठहराएंगे और अब तक 2000 से अधिक कार्यकर्ताओं ने इसमें सहयोग के लिए संपर्क किया है।
जीतू पटवारी पर FIR, खुद करेंगे गिरफ्तारी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर अशोकनगर में FIR दर्ज है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि वह खुद गिरफ्तारी देने के लिए आंदोलन के दिन मौजूद रहेंगे। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि अगर प्रदर्शन शांतिपूर्ण है तो फिर भारी पुलिस बल और सख्ती की क्या जरूरत है?
कांग्रेस का संदेश— 'हम नहीं झुकेंगे'
कांग्रेस का कहना है कि यह आंदोलन लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए है। कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर है और आंदोलन को सफल बनाने के लिए पूरे जिले से लोग जुटेंगे। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी दबाव में झुकने वाले नहीं हैं।