New Air Force Chief: भारतीय वायुसेना को नया प्रमुख मिल गया है। एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने 31 अक्टूबर को देश के 29वें चीफ ऑफ एयर स्टाफ के रूप में पदभार संभाल लिया। उन्होंने एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का स्थान लिया है, जो करीब 42 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं। नए वायुसेना प्रमुख को लड़ाकू विमानों के संचालन से लेकर उनके परीक्षण और सैन्य रणनीति का लंबा अनुभव है। मिराज-2000, मिग, जगुआर और तेजस जैसे विमानों से जुड़ा उनका अनुभव भारतीय वायुसेना के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर सहित कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों में भी भूमिका निभाई है।
1986 में वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में हुए थे शामिल
एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित वर्ष 1986 में भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए थे। उन्हें विभिन्न प्रकार के लड़ाकू विमानों को 3,500 घंटे से अधिक उड़ाने का अनुभव है। उनके अनुभव में मिराज-2000, मिग सीरीज, जगुआर और तेजस जैसे विमान शामिल हैं। उड़ान संचालन के साथ-साथ उन्हें विमान परीक्षण और सैन्य अभियानों की जिम्मेदारियों का भी अनुभव रहा है। अपने लंबे सेवाकाल में उन्होंने वायुसेना के कई महत्वपूर्ण विभागों में काम किया है।
वायुसेना के आधुनिकीकरण में रहा अहम योगदान
आशुतोष दीक्षित ने भारतीय वायुसेना की तकनीकी क्षमताओं और आधुनिकीकरण से जुड़ी परियोजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस Mk-1 की इनिशियल ऑपरेशनल क्लीयरेंस (IOC) और फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस (FOC) प्रक्रिया में भी उनका योगदान रहा है। इससे पहले वह वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ और चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल और वायु सेना मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।
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एपी सिंह का 42 साल का सेवाकाल हुआ पूरा
नए वायुसेना प्रमुख के पदभार संभालने के साथ ही एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का कार्यकाल समाप्त हो गया। उन्होंने भारतीय वायुसेना में करीब 42 वर्षों तक सेवाएं दीं। एक अनुभवी फाइटर पायलट और टेस्ट पायलट के रूप में उन्होंने वायुसेना की परिचालन क्षमता और तैयारियों को मजबूत करने में योगदान दिया। उनके कार्यकाल में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। उन्होंने सैन्य तैयारियों, आधुनिक तकनीक और स्वदेशी रक्षा उपकरणों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया।
जवानों और अधिकारियों से सीधे जुड़ाव के लिए रहे चर्चित
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह अपने कार्यकाल के दौरान जवानों और अधिकारियों के साथ सीधे संवाद के लिए भी जाने गए। उन्होंने वायुसेना में पेशेवर रवैये, जिम्मेदारी और देश सेवा की भावना को प्राथमिकता दी। भारतीय वायुसेना ने उनके योगदान और सेवाओं की सराहना करते हुए उन्हें तथा उनकी पत्नी सरिता सिंह को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। अब एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित के सामने वायुसेना की परिचालन तैयारियों को मजबूत करने, आधुनिक तकनीक अपनाने और स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।