एशिया कप T20 का खिताब भारत को जीते एक महीना बीत चुका है. मगर ये जीत आज भी अधूरी है क्योंकि ना तो टीम का ट्रॉफी के साथ प्रेजेंटेशन हुआ और ना ही फोटोसेशन. ऐसे में ये जीत अधूरी तो जरूर रह गई है. जिसकी वजह कोई और नहीं पाकिस्तान है. क्योंकि इस टूर्नामेंट के फाइनल मैच के दौरान जब भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने एसीसी चेयरमैन और पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया, तो नकवी खुद ही मैदान से ट्रॉफी लेकर चलते बने.
एशिया कप T20 की ट्रॉफी अब तक एसीसी के पास
पीसीबी अध्यक्ष नकवी की इस हरकत के बाद जहां पूरे भारत में पाकिस्तान की हरकत को लेकर आलोचना की गई. वहीं बीसीसीआई और एसीसी के बीच बयानों, पलटवारों और फटकारों के साथ ये मामला ठंडा पड़ गया. मगर भारत के हाथ में आज तक ट्रॉफी नहीं आई. यही नहीं दोनों टीमों के खिलाड़ियों पर जुर्माना लगा, चेतावनी दी गई और डिमेरिट पॉइंट भी दिए गए. वहीं इन सजाओं से भी असल मुद्दा नहीं सुलझा. ट्रॉफी अब भी एसीसी के पास है- ना लौटाई गई, ना ही सौंपी गई. इन सबके बीच भारत ने एक और टीम को भेजने की तैयारी शुरू कर दी है. जी हां एक बार फिर भारतीय टीम एसीसी द्वारा आयोजित किए गए एक टूर्नामेंट में भेजे जाने के लिए तैयार की जा रही है. इतना ही नहीं इस टूर्नामेंट में पाकिस्तानी टीम भी मौजूद है.
'A टीमों' के विकास टूर्नामेंट में भारत और पाक आमने -सामने
दरअसल ACC राइजिंग स्टार एशिया कप को 'A टीमों' के विकास टूर्नामेंट के रूप में पेश किया गया है, लेकिन ड्रॉ देखकर लगता है कि दोनों देशों को फिर आमने-सामने लाना एक सोची-समझी रणनीति के तहत किया जा रहा है. ये मुकाबला 16 नवंबर को दोहा में खेला जान तय है और अगर सब कुछ वैसा ही चला, तो फाइनल में भी दोनों टीमों की भिड़ंत हो सकती है. अब सवाल उठता है- अगर भारत फिर से जीत जाता है, तो क्या इस बार ट्रॉफी वाकई में भारत को दी जाएगी?