Asian Games Cricket : जापान में होने वाले एशियन गेम्स 2026 में क्रिकेट की वापसी होने जा रही है, लेकिन टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और अफगानिस्तान जैसी टीमों ने पिच, ड्रेसिंग रूम और खिलाड़ियों के रहने की व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। प्रतियोगिता शुरू होने में कुछ ही सप्ताह बचे हैं, ऐसे में क्रिकेट बोर्ड चाहते हैं कि सभी सुविधाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर की हों।
नई पिच पर बढ़ी बेचैनी
क्रिकेट मुकाबले जापान के कोओरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले जाएंगे। यह मैदान पहले बेसबॉल के लिए इस्तेमाल होता था और इसी साल मार्च में इसे क्रिकेट के हिसाब से तैयार किया गया है। यहां बनाई गई हाइब्रिड पिच पर अब तक बहुत कम क्रिकेट खेला गया है। मई में एक अंतरराष्ट्रीय क्वालिफायर टूर्नामेंट जरूर खेला गया था, लेकिन बड़े स्तर की प्रतियोगिता का अनुभव इस मैदान को नहीं है। यही वजह है कि कई टीमों को पिच के व्यवहार को लेकर चिंता है।
पाकिस्तान ने सबसे पहले उठाया मुद्दा
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सबसे पहले एशियन क्रिकेट काउंसिल की बैठक में इन मुद्दों को उठाया था। इसके बाद अन्य सदस्य देशों ने भी अपनी चिंताएं सामने रखीं। चर्चा के बाद यह फैसला लिया गया कि एसीसी अपने प्रतिनिधियों को जापान भेजकर वेन्यू और खिलाड़ियों की सुविधाओं का जायजा लेगा। बोर्डों का मानना है कि इतने बड़े टूर्नामेंट से पहले सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा जरूरी है।
ड्रेसिंग रूम भी बने चिंता का कारण
सिर्फ पिच ही नहीं, बल्कि मैदान पर मौजूद ड्रेसिंग रूम की सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ टीमों का मानना है कि मौजूदा व्यवस्था बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ की संख्या को देखते हुए बेहतर सुविधाओं की जरूरत महसूस की जा रही है। आयोजन से पहले इन कमियों को दूर करने पर जोर दिया जा रहा है।
होटल के छोटे कमरों पर आपत्ति
खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था भी चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकेटरों को नागोया में ठहराया जाएगा, जो मैच वेन्यू से करीब 20 किलोमीटर दूर है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ होटल कमरों का आकार काफी छोटा है। चिंता यह है कि दो खिलाड़ियों के साथ उनके बड़े किटबैग और सामान रखने के बाद कमरे में पर्याप्त जगह नहीं बचेगी। कई बोर्डों ने इस मुद्दे को भी आयोजकों के सामने रखा है।
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मौसम भी बन सकता है चुनौती
एशियन गेम्स के दौरान जापान में टाइफून का मौसम भी रहता है, जिससे मौसम एक बड़ी चुनौती बन सकता है। भारतीय महिला टीम 17 सितंबर से अपने अभियान की शुरुआत करेगी, जबकि पुरुष टीम 28 सितंबर से मैदान में उतरेगी। भारतीय टीमों के 14 या 15 सितंबर को जापान पहुंचने की संभावना है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि टूर्नामेंट शुरू होने से पहले पिच, सुविधाओं और मौसम से जुड़ी चिंताओं का समाधान कितना जल्दी हो पाता है।