अफगानिस्तान के हमले के बाद पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर बुरी तरह भड़क गए हैं। उन्होंने रावलपिंडी हेडक्वार्टर में टॉप कमांडर्स की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई और अफसरों से जमकर सवाल-जवाब किए। अफगानिस्तान के इस हमले में पाकिस्तान की कई चौकियां कब्जे में लिए जाने की बात सामने आई है। इस हमले के बाद पाकिस्तानी सेना की खुफिया विफलता खुलकर सामने आ गई है, जिससे देश की सैन्य प्रतिष्ठा पर गहरा सवाल उठ खड़ा हुआ है।
अफगानिस्तान ने किया बड़ा हमला, 58 पाकिस्तानी सैनिक ढेर
रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार 11 अक्टूबर को अफगानिस्तान ने पाकिस्तान की सीमा पर कई मोर्चों से हमला किया। तालिबान ने दावा किया कि इस हमले में 58 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जबकि कई चौकियां कब्जे में ली गईं। हमला अंगूर अड्डा, खैबर पख्तूनख्वा के वजीरिस्तान, बजौर, कुर्रम, दीर, बहरामचा और बलूचिस्तान के चमन इलाकों से किया गया। पाकिस्तानी सेना इस अचानक हुए हमले से पूरी तरह चौंक गई।
रावलपिंडी हेडक्वार्टर में सख्त मीटिंग
हमले के दो दिन बाद, सोमवार रात रावलपिंडी में आसिम मुनीर ने अपने टॉप कमांडर्स के साथ हाई लेवल मीटिंग बुलाई। इस बैठक में उन्होंने हर अधिकारी से जवाब मांगा कि इतनी बड़ी खुफिया चूक कैसे हुई। मीटिंग में ISI चीफ आसिम मलिक, लेफ्टिनेंट जनरल उमर अहमद बुखारी, राहत नसीम अहमद, मुहम्मद आवेज, मेजर जनरल वाजिद अजीज और मेजर जनरल काशिफ अब्दुल्ला सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
“सो रहे थे क्या?” – तल्ख लहजे में पूछे सवाल
सूत्रों के अनुसार, आसिम मुनीर ने बेहद तल्ख लहजे में कहा – “आप सब बेखबर कैसे थे? हमारी अग्रिम खुफिया जानकारी कहां थी?” उन्होंने नाराज़गी जताते हुए इसे पाकिस्तान की बड़ी इंटेलिजेंस फेल्योर बताया। उन्होंने हर अधिकारी से सात दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए, जिसमें हमले की वजह, चूक और सुधार के उपाय शामिल होंगे।
सीमा पर निगरानी और सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश
आर्मी चीफ ने सभी कमांडर्स को सीमा पर चौकसी बढ़ाने और सभी सेक्टरों में इमरजेंसी अलर्ट जारी करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अब पाकिस्तान केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि देश के अंदर भी जंग जैसे हालात से गुजर रहा है। आने वाले दिनों में सभी सुरक्षा इकाइयों को अतिरिक्त गश्त और ड्रोन निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।