असम विधानसभा चुनाव 2026 से पहले बीजेपी ने बड़ा फैसला लेते हुए उम्मीदवारों की पूरी लिस्ट एक साथ जारी कर दी है। पार्टी ने कुल 89 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। इससे पहले संकेत दिए गए थे कि लिस्ट एक ही बार में आएगी और पार्टी ने वही रणनीति अपनाई। इस कदम को चुनाव से पहले मजबूत संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
दिसपुर सीट पर सबसे बड़ा सियासी फैसला
इस लिस्ट में सबसे ज्यादा चर्चा दिसपुर सीट को लेकर हो रही है। कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए प्रद्युत बोरदोलोई को यहां से उम्मीदवार बनाया गया है। दिसपुर राज्य की सबसे अहम सीट मानी जाती है। उनके अचानक पार्टी बदलने और तुरंत टिकट मिलने से सियासी हलचल तेज हो गई है। इसे बीजेपी की बड़ी रणनीतिक चाल माना जा रहा है।
सीएम अपनी मजबूत सीट से ही मैदान में
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा एक बार फिर जालुकबारी सीट से चुनाव लड़ेंगे। यह उनकी पुरानी सीट है और यहां उनका प्रदर्शन लगातार मजबूत रहा है। पार्टी ने इस सीट पर किसी तरह का बदलाव नहीं किया, जिससे साफ है कि यहां भरोसा कायम रखा गया है। इससे कार्यकर्ताओं में भी स्थिरता का संदेश गया है।
नए चेहरों और युवाओं को मिला मौका
बीजेपी की इस लिस्ट में कई नए और युवा उम्मीदवारों को भी जगह दी गई है। इसके साथ ही कुछ मौजूदा विधायकों को दोबारा टिकट दिया गया है। महिलाओं और आदिवासी क्षेत्रों को भी प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है। इससे पार्टी यह दिखाना चाहती है कि वह अनुभव और नए जोश दोनों को साथ लेकर चल रही है।
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दिल्ली में हुई बैठक में लगी अंतिम मुहर
उम्मीदवारों की इस लिस्ट को अंतिम रूप देने के लिए दिल्ली में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई। इस बैठक में पार्टी के शीर्ष नेताओं ने भाग लिया और सभी नामों पर चर्चा के बाद मंजूरी दी गई। इसके बाद लिस्ट सार्वजनिक की गई। इससे साफ है कि चुनाव को लेकर पार्टी ने पूरी तैयारी के साथ रणनीति बनाई है।
चुनाव से पहले बदल सकता है पूरा माहौल
अब उम्मीदवारों की घोषणा के बाद असम में चुनावी माहौल और तेज हो गया है। सभी पार्टियां अपनी रणनीति को और मजबूत करने में जुट गई हैं। बीजेपी की इस लिस्ट को देखकर साफ है कि पार्टी हर सीट पर मजबूती से लड़ने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इसका चुनावी परिणाम पर कितना असर पड़ता है।