Astro Tips: शादी-विवाह एक संयोग होता है, लेकिन वर्तमान युग में हर व्यक्ति चाहता है कि उसकी लव मैरिज हो. क्योंकि वह जिस लड़की से लव करता है यदि वो ही उसकी जीवन साथी बन जाए तो उससे अच्छा कुछ हो नहीं सकता. लेकिन ग्रह नक्षत्रों का इसमें बड़ा रोल होता है. ज्योतिष विद्या के मुताबिक यदि किसी व्यक्ति या महिला का ये वीक है तो उसकी लव मैरिज होने में परेशानी आती है. या यूं कह लीजिए कि लव मैरिज हो ही नहीं पाती. आइये जानते हैं वो कौनसा ग्रह है जो प्रेम विवाह में बाध उत्तपन्न करता है..
क्या कहता है ज्योतिष
ज्योतिष के अनुसार पंचम, सप्तम और शुक्र ग्रह की स्थिति लव मैरिज में सबसे अहम मानी जाती है. अगर ये ग्रह कमजोर हो जाएं या गलत जगह पर हों तो प्रेम विवाह संभव नहीं हो पाता.. हालांकि साइंस इन सब बातों को कौरी कल्पना मानता है. लेकिन आज भी 70 फीसदी लोग ज्योतिष पर भरोसा करते हैं. बताया जाता है कि शुक्र को प्रेम, सौंदर्य, कला, रोमांस और वैवाहिक सुख का ग्रह माना जाता है. अगर कुंडली में शुक्र कमजोर हो, शत्रु ग्रहों के साथ बैठा हो, या राहु-केतु व शनि से प्रभावित हो, तो प्यार में धोखा या असफलता मिलती है. ऐसा व्यक्ति चाहकर भी अपने रिश्ते को आगे नहीं बढ़ा पाता.
पंचम भाव और पंचमेश की स्थिति
कुंडली में पंचम भाव प्रेम और रोमांटिक रिश्तों का भाव होता है. अगर इस भाव में कोई अशुभ ग्रह हो या इसका स्वामी ग्रह कमजोर हो जाए, तो प्रेम संबंध लंबे नहीं चलते. कई बार शुरू तो होता है लेकिन शादी तक नहीं पहुंचता. अगर पंचम भाव पर राहु, शनि या केतु की दृष्टि हो तो ब्रेकअप, धोखा या परिवार की तरफ से विरोध देखने को मिलता है.