Ganga Dussehra 2025: गंगा दशहरे का त्योहार आने वाला है. लेकिन क्या आपको बता दशहरा के त्योहार को क्यों खास माना गया है.. सनातन धर्म के मुताबिक, गंगा दशहरा के दिन मां गंगा धरती पर अवतरित हुई थीं. इस दिन को हिंदू धर्म के लोग धूमधाम से मनाते हैं. इस दिन गंगा का जल अमृत में परिवर्तित हो जाता है. ऐसा लोगों का मानना है.. मान्यता है कि मां गंगा के धरती पर अवतरित होने के बाद ही राजा भागीरथ के पूर्वज और राजा सागर के 60 हजार पुत्रों को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी.
ये काम करना जरूरी
ज्योतिषी पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि" इस बार गंगा दशहरा हस्त नक्षत्र और सिद्धि योग में होगा. इस दिन गंगा में स्नान करने और गंगा के मंत्रों का जाप करने से सभी कार्यों में सफलता और सिद्धि मिलेगी. गंगा दशहरे के दिन सफलता और सिद्धि प्राप्त करने के कई उपाय बताए गए हैं,,. लेकिन ये धर्म लाभ पाने के लिए आपको ब्रह्म मुहूर्त में उठकर अपने दैनिक कार्यों से निवृत होकर गंगा स्नान कर और गंगा के मंत्रों का जाप करें.. यही नहीं जरूरतमंद लोगों की मदद भी करें..
कब है गंगा दशहरा का शुभ मुहूर्त
गंगा दशहरा की दशमी तिथि की शुरुआत 4 जून को रात 11:55 बजे होगी. यह तिथि 6 जून को रात 2:14 बजे समाप्त होगी. उदया तिथि के अनुसार, इस वर्ष गंगा दशहरा का पर्व 5 जून, 2025 को मनाया जाएगा. मान्यता के अनुसार राजा भगीरथ के कठोर तपस्या करने से गंगा नदी स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई हैं. शास्त्रों में वर्णन है कि गंगा स्नान करने से पाप, रोग, दोष और विपत्तियों से मुक्ति मिल जाती है. गंगा दशहरा के दिन पवित्र गंगा नदी में स्नान करने का महत्व और बढ़ जाता है