प्रयागराज में उस वक्त नया बवाल खड़ा हो गया जब माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान अहमद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। शादी समारोह का यह वीडियो किसी आम रील जैसा नहीं था। बैकग्राउंड में हम दिल भी रखते हैं और असलहा भी, हम पीछे से वार नहीं करते जैसे संवाद बज रहे थे, और सामने अबान लग्जरी गाड़ियों के काफिले के बीच खड़ा नजर आ रहा था। जैसे ही ये वीडियो वायरल हुआ, शहर में चर्चा शुरू हो गई कि क्या अतीक का बेटा भी उसी रास्ते पर चलेगा। लेकिन बाबा की पुलिस ने इसे मज़ाक या शो-ऑफ की रील नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था के लिए खतरे का संकेत माना।
बाबा की पुलिस का सख्त रुख, नामजद केस दर्ज
वीडियो वायरल होने के कुछ घंटों के अंदर ही प्रयागराज पुलिस एक्शन मोड में आ गई। डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य के आदेश पर जांच शुरू हुई और पता चला कि वीडियो हमजा नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट हुआ था। एसआई आदित्य सिंह की तहरीर पर धूमनगंज थाने में अबान अहमद, हमजा और एक अज्ञात युवक के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर दी गई। पुलिस का साफ कहना है कि यूपी में चाहे कोई भी हो, दबंगई या भय फैलाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अतीक के दौर की दहशत अब बीते दिनों की बात है, और योगी सरकार ऐसे किसी भी संकेत को तुरंत रोकना चाहती है।
क्यों बढ़ा विवाद, क्या सिर्फ एक वीडियो ही थी वजह?
कई लोगों का सवाल था कि अगर ये सिर्फ एक शादी का वीडियो था, तो इतना सख्त एक्शन क्यों लिया गया। लेकिन हकीकत ये है कि प्रयागराज एक संवेदनशील शहर है, जहां अतीक कनेक्शन वाले हर छोटे-बड़े घटना को पुलिस तुरंत गंभीरता से लेती है। वीडियो के संवाद धमकी की तरह लग रहे थे, और लग्जरी गाड़ियों का काफिला भी पुराने दिनों की याद दिला रहा था। पुलिस के लिए यह सिर्फ एक रील नहीं, बल्कि संभावित माहौल बिगाड़ने का संकेत था। अतीक-अशरफ की हत्या, उमेश पाल केस और लगातार गैंग से जुड़े विवादों ने पहले ही शहर को संवेदनशील बना रखा है। ऐसे में अबान का ये अंदाज पुलिस की नजर में बिल्कुल गलत समय पर आया।
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अबान पर बढ़ी नजर, मामला यहीं खत्म नहीं
पुलिस अब यह भी जांच रही है कि वीडियो किसने शूट किया, डायलॉग किसने जोड़े और इसे वायरल करने का मकसद क्या था। अतीक अहमद के परिवार पर पहले से ही कड़ी निगरानी है असद मुठभेड़ में मारा जा चुका है, उमर और अली जेल में हैं, और अहजम-अबान रिश्तेदारों की निगरानी में रहते हैं। ऐसे में अबान का इस तरह दिखना पुलिस को बिल्कुल नागवार गुजरा। योगी सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि यूपी में माफिया राज लौटने का कोई सवाल नहीं। इसलिए अबान अहमद पर केस सिर्फ एक चेतावनी नहीं, बल्कि बड़ा संदेश है दबंगई की झलक दिखाने की कोशिश भी भारी पड़ सकती है।