मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने देश विरोधी गतिविधियों के एक कथित नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में कथित मास्टरमाइंड और सीनियर एजेंट नईम कुरैशी को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी पर संवेदनशील जानकारियां विदेशी तत्वों तक पहुंचाने और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। कोर्ट ने आरोपी को चार दिन की एटीएस रिमांड पर भेज दिया है।
उत्तर प्रदेश से हुई गिरफ्तारी
जांच एजेंसियों के मुताबिक, नईम कुरैशी को उत्तर प्रदेश के सारंगपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कई संदिग्ध गतिविधियों में कथित रूप से शामिल था। एटीएस अब उसके संपर्कों और गतिविधियों की गहन पड़ताल कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
विदेशी संपर्क और संवेदनशील जानकारी साझा करने का आरोप
एटीएस सूत्रों के अनुसार, नईम कुरैशी पर देश की महत्वपूर्ण और संवेदनशील जानकारियां विदेशी तत्वों तक पहुंचाने का आरोप है। जांच में यह भी दावा किया गया है कि उसके मोबाइल फोन से अफगानिस्तान और पाकिस्तान के नंबरों से बातचीत के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इन संपर्कों का उद्देश्य क्या था और इनके जरिए किस प्रकार की सूचनाओं का आदान-प्रदान किया गया।
मोहम्मद फराज से जुड़े मिले तार
जांच में यह भी सामने आया है कि भोपाल निवासी मोहम्मद फराज का संपर्क नईम कुरैशी से था। एजेंसियों का दावा है कि नईम ने फराज को कथित तौर पर प्रशिक्षण दिया था और उसे विशेष ट्रेनिंग के लिए अफगानिस्तान भेजने की योजना में भी शामिल था। फराज के घर से जिहादी साहित्य और कुछ संदिग्ध दस्तावेज मिलने की बात भी सामने आई है।
कई राज्यों तक फैले नेटवर्क की आशंका
जांच एजेंसियों को संदेह है कि यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ हो सकता है और कथित तौर पर स्लीपर सेल की तर्ज पर काम कर रहा था। मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने का दावा किया गया है। फिलहाल एटीएस और अन्य एजेंसियां पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हैं और यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।