राजस्थान में ATS ने सेना के नाम पर चल रहे बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। ऑपरेशन “स्क्वायर पिरामिड” के तहत 28 फर्जी पूर्व सैनिकों को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारतीय खाद्य निगम यानी एफसीआई में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहे थे। आईजी एटीएस विकास कुमार के अनुसार, ये लोग कभी सेना में रहे ही नहीं, लेकिन फर्जी दस्तावेज बनाकर नियुक्ति पाई थी।
31 लोकेशन पर दबिश दी
एटीएस ने कोटा, भीलवाड़ा और उदयपुर समेत 31 लोकेशन पर दबिश दी। सभी फर्जी सैनिकों को मॉक ड्रिल के बहाने बुलाया गया और दस्तावेज जांचने के बाद गिरफ्तार किया गया। जांच में खुलासा हुआ कि फर्जी पूर्व सैनिक बनने के लिए हर व्यक्ति से 40 से 50 हजार रुपए लिए जा रहे थे। सैलरी का हिस्सा दलालों को भी दिया जाता था।
राजस्थान में फर्जी पूर्व सैनिकों का नेटवर्क उजागर
एफसीआई में सुरक्षा गार्ड की भर्ती पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई सवाल उठ रहे हैं। आईजी विकास कुमार के अनुसार, हर गार्ड को मासिक 21 हजार रुपए वेतन मिलता था। एटीएस अब फर्जी भर्ती कराने वाली 5 बड़ी निजी एजेंसियों और उनके अधिकारियों की भूमिका भी जांच रही है। तीन मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, और बाकी दलालों की तलाश जारी है। स्क्वायर पिरामिड ने राजस्थान में फर्जी पूर्व सैनिकों का नेटवर्क उजागर कर दिया। जांच में सामने आया कि 28 गिरफ्तार आरोपियों के अलावा भी कई लोग फर्जी दस्तावेजों के जरिए नौकरी कर रहे थे। एटीएस ने साफ कहा कि यह केवल भर्ती फर्जीवाड़ा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है.