विरोधी दल मणिकर्णिका घाट मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने में जुटा है। उत्तर प्रदेश में विपक्ष इस मुद्दे पर प्रदेश सरकार को लगातार घेर रहा है। बीते दिनों कांग्रेस ने इसको लेकर प्रदर्शन किया था। इसी क्रम में अब समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधि मंडल मणिकर्णिका घाट जाएगा। यह प्रतिनिधमंडल इस पूरे मामले की जानकारी इकट्ठा करेगा और माता अहिल्याबाई की मूर्ति खंडित करने के मामले की भी पूरी जानकारी लेंगा। वहीं, इस ऐलान के बाद सपा के पदाधिकारियों और नेताओं को पुलिस ने नजरबंद कर लिया है। हालांकि पदाधिकारी और सपा नेता अभी भी वहां जाने की तैयारी में हैं, जिससे पुलिस से उनकी नोंकझोंक हो गई।
दरअसल, रविवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर 11 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल मणिकर्णिका घाट जाने की तैयारी में था। इन सभी को अपनी रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को भेजना था। वहीं, समाजवादी पार्टी की तैयारी की खबर लगते ही पुलिस एक्टिव हो गई और पदाधिकारियों और पार्टी से जुड़े नेताओं को नजरबंद कर लिया। उन्हें रोकने के लिए पुलिस लगा दी गई है। वहीं, नजरबंद किए जाने की तस्वीरें सपा नेता खुद सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। उनका कहना है कि, सपा काशी की आत्मा, विरासत और आस्था की रक्षा के लिए खड़ी रहेगी।
ये हैं प्रतिनिधिमंडल में शामिल
समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल में महानगर अध्यक्ष दिलीप डे, जिलाध्यक्ष सुजीत यादव, चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह, बलिया के सांसद सनातन पांडेय, मछली शहर की सांसद प्रिया सरोज, स्नातक एमएलसी आशुतोष सिन्हा, पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल, सुल्तानपुर की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष, दक्षिणी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी किशन दीक्षित, राज्य कार्यकारिणी सदस्य महेंद्र पाल उर्फ पिंटू पाल, अजहर अली सिद्दीकी भी प्रतिनिधि मंडल में शामिल हैं। इन सभी को समाजवादी पार्टी शीर्ष नेतृत्व की ओर से प्रदेश मुख्यालय से पत्र पहुंचा था।
मनमाने तरीके से विध्वंस का आरोप
समाजवादी पार्टी के नेताओं ने कहा कि हमारा एक प्रतिनिधिमंडल मणिकर्णिका घाट पर हो रहे मनमाने तरीके से विध्वंस की जमीनी सच्चाई को देखने का जा रहा था। हमें काशीवासियों का दर्द सुनना था, लेकिन मगर उत्तर प्रदेश की मौजूदा सरकार जो भय और जुल्म के सहारे पर चल रही है, इसने पुलिस के सहारे हमारे नेताओं और पदाधिकारियों को नजरबंद कर दिया। सरकार का यह काम बताता है कि इस सत्ता को समाजवादी पार्टी की जनता के हित के प्रति प्रतिबद्धता, जनका के सवाल और उनके लिए किए जा रहे हमारे संघर्ष से डर लगता है। हम सत्ता को इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे।
सड़क पर ही बैठ गए सपा सांसद
बता दें कि, मणिकर्णिका घाट जाने के दौरान सपा सांसद वीरेंद्र सिंह को पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद वे सड़क पर ही बैठ गए और वहीं पर अपना विरोध जताने लगे। उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हो गई। विरोध शुरू होने की सूचना पर एडीएम सिटी भी वहां पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से बातचीत की। वहीं, वीरेंद्र सिंह मणिकर्णिका घाट पर जाने की अनुमति की मांग कर रहे थे। इसके साथ ही, किशन दीक्षित, पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल सहित अन्य सपा कार्यकर्ताओं को भोजूबीर में रोका गया। बता दें कि मणिकर्णिका घाट वाराणसी के 84 प्रमुख घाटों में शामिल है। अब इस घाट को तोड़ा जा रहा है, जहां नए सिरे से विकास कार्य कराया जा रहा है। साथ ही, आधुनिक व्यवस्था कराए जाने की तैयारी है।