मेरठ। प्रेमी को पाने की खातिर पति को करैत सांप से डसवाने वाली दामिनी जेल में रामायण पढ़कर समय गुजार रही है। जेल में बंद दामिनी से कोई मिलने भी नहीं आया है, जबकि दामिनी के प्रेमी तुषार से उसके चाचा ने जेल में मुलाकात की। तुषार ने चाचा से दामिनी और अपने लिए मुकदमा लड़ने के लिए निजी वकील की मांग की है। उधर, अतुल हत्याकांड के बाद से आरोपी तुषार के परिजन घर छोड़ कर चले गए हैं।
यह था मामला
बहसूमा थाना क्षेत्र के भंडौरा गांव निवासी 32 वर्षीय अतुल पंवार पत्नी दामिनी और छह वर्षीय बेटे के साथ हस्तिनापुर की शकुंतला कालोनी में किराए के मकान में रहते थे। अतुल ने दामिनी से प्रेम विवाह किया था। अतुल हस्तिनापुर में कृष्णा किड्स प्ले स्कूल चलाते थे, जबकि दामिनी स्कूल की प्रिंसिपल थीं। 17 जुलाई की सुबह दामिनी ने अपने प्रेमी तुषार पायला और उसके दो साथी सोनू और उदय के साथ मिलकर सोते समय अतुल को सबसे जहरीले सांप करैत से डसवा कर मौत के उतरवा दिया था। हालांकि सांप से डसवाने से पहले दामिनी ने धोखे से दूध में नींद की 25 गोलियां डालकर अतुल को जिंदगी के आखिरी सफर पर रवाना करने की योजना को अमली जामा पहनाया था। चंदों घंटों में पुलिस ने अतुल की हत्या का राजफाश करते दामिनी, तुषार, सोनू और उदय को गिरफ्तार कर उनसे करैत सांप भी बरामद कर लिया था। पूछताछ के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया था, जहां से चारों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था।जेल की व्यवस्था समझने के बाद दामिनी ने जेल प्रशासन से काम मांगा था। जेल प्रशासन ने दामिनी को महिला लाइब्रेरी की जिम्मेदारी सौंपी है।
दामिनी से जेल में किसी ने नहीं की मुलाकात
जेल में बंद दामिनी से अभी तक किसी ने मुलाकात नहीं की है। खाली समय में दामिनी जेल में रामायण और अन्य किताबें पढ़कर समय काट रही है। हालांकि जेल में बंद दामिनी के प्रेमी तुषार पायल से हापुड़ निवासी उसके चाचा धर्म सिंह ने मुलाकात की। इस दौरान तुषार ने चाचा से दामिनी और उसके लिए निजी वकील करने की मांग की है। दामिनी अभी जेल की महिला बैरक 12 ए में बंद है। न्यायिक अभिरक्षा की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दामिनी मुस्कान, रविता आदि के साथ रहेगी, जबकि तुषार मुस्कान के प्रेमी साहिल और रविता के प्रेमी अमरदीप के साथ बैरक में रहेगा।
तुषार का परिवार घर से गायब
स्कूल संचालक अतुल को करैत सांप से डसवाने वाला और दामिनी के प्रेमी तुषार पायल का परिवार हस्तिनापुर कस्बे में रहता था। अतुल की हत्या के बाद से तुषार के पत्नी कोमल और परिजन घर से गायब हैं। घर के एक कमरे में सिर्फ ताला लगा है। बाकी खुला पड़ा है। स्कूल की इको वैन और तुषार की निजी कार घर में खड़ी है। अतुल की हत्या के बाद तुषार की पत्नी कोमल घर छोड़ कर मायके में चली गई है, जबकि तुषार के पिता भी रिश्तेदारी में चले गए हैं।
बैरक में शिफ्ट होने से पहले दामिनी का होगा प्रेगनेंसी टेस्ट
न्यायिक अभिरक्षा प्रक्रिया पूरी होने पर दामिनी को बैरक में शिफ्ट किया जाएगा। बैरक में शिफ्ट करने से पहले जेल प्रशासन दामिनी का प्रेगनेंसी टेस्ट कराएगा। जेल नियमावली के अनुसार जब बंदी जेल में न्यायिक अभिरक्षा में आता है तो उसका प्राइमरी हेल्थ चेकअप कराया जाता है। न्यायिक अभिरक्षा पूरी होने पर बैरक में शिफ्ट करने से पहले फिर से बंदियों का चेकअप कराया जाता है। नियमानुसार बंदी को मुख्य बैरक में शिफ्ट करने से पहले उसकी जेल में ही डॉक्टर को बुलाकर सरकारी डॉक्टर से मेडिकल जांच कराई जाती है। विशेषकर महिलाओं के लिए यह चेकअप अहम होता है। इसलिए दामिनी को बैरक में शिफ्ट करने से पहले जेल में महिला डॉक्टर को बुलाकर दामिनी का प्रेगनेंसी और अन्य चेकअप कराया जाएंगे। अगर प्रेगनेंसी के सिम्टम्स मिलते हैं तो अल्ट्रासाउंड और प्रेगनेंसी पॉजिटिव टेस्ट के लिए दामिनी को जिला अस्पताल या फिर मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा।