19 मई 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। इस दिन वरदा चतुर्थी और बड़ा मंगल का अद्भुत संयोग बन रहा है, जिसे हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ माना जाता है। भगवान गणेश और हनुमान जी की कृपा पाने के लिए यह दिन विशेष फलदायी माना जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
वरदा चतुर्थी का क्या है महत्व?
वरदा चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित मानी जाती है। इस दिन भक्त गणपति बप्पा की पूजा कर सुख, बुद्धि और सफलता की कामना करते हैं। मान्यता है कि वरदा चतुर्थी का व्रत करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। कई लोग इस दिन चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोलते हैं और भगवान गणेश को दूर्वा व मोदक अर्पित करते हैं।
बड़ा मंगल पर हनुमान जी की विशेष पूजा
ज्येष्ठ महीने में पड़ने वाले मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है। इस दिन भगवान हनुमान की पूजा का विशेष महत्व होता है। भक्त मंदिरों में जाकर बजरंगबली को सिंदूर, चमेली का तेल और लड्डू अर्पित करते हैं। माना जाता है कि बड़ा मंगल के दिन हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करने से भय और संकट दूर होते हैं।
पूजा का शुभ समय और उपाय
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सुबह स्नान के बाद पूजा करना शुभ माना गया है। गणेश जी की पूजा के लिए प्रातःकाल का समय श्रेष्ठ माना जा रहा है, जबकि हनुमान जी की आराधना सूर्योदय के बाद और शाम के समय भी की जा सकती है। इस दिन लाल वस्त्र पहनना और जरूरतमंदों को भोजन व जल का दान करना भी पुण्यदायी माना गया है।
व्रत और दान से मिलेगा शुभ फल
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस खास संयोग में व्रत रखने और दान करने से ग्रह दोषों का प्रभाव कम हो सकता है। कई श्रद्धालु इस दिन गरीबों को फल, पानी और प्रसाद वितरित करते हैं। माना जाता है कि सच्चे मन से की गई पूजा व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य लेकर आती है।
धार्मिक उत्साह से भरा रहेगा दिन
देशभर के मंदिरों में 19 मई को विशेष पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जा सकता है। भक्त बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचकर भगवान गणेश और हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। धार्मिक दृष्टि से यह दिन श्रद्धा, भक्ति और शुभ कार्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।