Noida News: ग्रेटर नोएडा में भारतीय छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। ऑस्ट्रेलिया के प्रतिष्ठित वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी ने ग्रेटर नोएडा में अपना कैंपस खोलने की तैयारी कर ली है। यह कदम भारतीय छात्रों को विश्व स्तरीय शिक्षा और अनुसंधान के अवसर देश में ही उपलब्ध कराएगा।
ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल ने किया निरीक्षण
इस संबंध में पहले ही वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। यह यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश में कैंपस स्थापित करने वाली पहली विदेशी यूनिवर्सिटी होगी। शुरुआती तौर पर यूनिवर्सिटी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय परिसर के टावर टू में अपनी कक्षाएं शुरू कर सकती है। ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल ने इस जगह का निरीक्षण भी कर लिया है और उन्हें यह स्थान पसंद आया है। वे चार फ्लोर किराए पर लेने की इच्छा जता चुके हैं। वहीं दूसरे चरण में एक पूर्ण विकसित और अत्याधुनिक कैंपस ग्रेटर नोएडा में 7 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा।
यूनिवर्सिटी में इन विषयों की होगी पढ़ाई
बता दें कि यूनिवर्सिटी कंप्यूटर साइंस, बिजनेस और इंजीनियरिंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में स्नातक, स्नातकोत्तर और उच्च अनुसंधान डिग्री कार्यक्रम पेश करेगी। विशेष रूप से, यह उत्तर प्रदेश की कृषि-तकनीक (Agri-Tech) पहलों का समर्थन करने और स्मार्ट कृषि, जल प्रबंधन और जलवायु अनुकूलन में प्रगति करने के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) भी स्थापित करेगी।
दोनों देशों के बीच शैक्षिक संबंध होंगे मजबूत
इस यूनिवर्सिटी के खुलने से विदेश में पढ़ाई करने का सपना देखने वाले भारतीय छात्र को अपने ही देश में सपना पूरा करने का अवसर मिलेगा। यह यूनिवर्सिटी ग्रेटर नोएडा को एक वैश्विक शिक्षा हब के रूप में स्थापित करेगा। उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा प्रोत्साहन नीति 2024 के अनुरूप, जो एक लचीली और समावेशी उच्च शिक्षा प्रणाली बनाने का लक्ष्य रखती है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच शैक्षिक संबंधों को और मजबूत करेगा।
शैक्षिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एन.जी. रवि कुमार ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि यह वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी युवाओं को उद्धमियों की जरूरत के हिसाब से प्रशिक्षित कर रोजगार के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभा सकती है। इस विकास से न केवल स्थानीय छात्रों को लाभ होगा, बल्कि यह क्षेत्र में आर्थिक और शैक्षिक विकास को भी बढ़ावा देगा।