आज के समय में लोगों की जरूरतें और खर्चे लगातार बढ़ रहे हैं, जिसके चलते पर्सनल, होम या डिजिटल लोन लेना एक सामान्य बात बन गई है। लेकिन लोन लेने के दौरान की गई छोटी–छोटी गलतियाँ आगे चलकर बड़ा आर्थिक बोझ बन जाती हैं। कई बार लोग जल्दबाज़ी में गलत ऐप चुन लेते हैं, अंजान ब्रोकर पर भरोसा कर बैठते हैं या दस्तावेज़ पढ़े बिना साइन कर देते हैं। ऐसे में लोन राहत के बजाय तनाव बन जाता है। इसलिए इन 4 बड़ी गलतियों से जरूर बचें।
अनजान या थर्ड–पार्टी ऐप पर भरोसा करने की गलती
लोन लेते समय सबसे बड़ी चूक होती है किसी भी अनजान ऐप पर आवेदन कर देना। कई ऐप कम समय में लोन मिलने का लालच देकर लोगों का डेटा चुरा लेते हैं, कॉन्टैक्ट लिस्ट स्कैन कर लेते हैं और भुगतान में देरी होते ही डराने–धमकाने तक की नौबत आ जाती है। कुछ फर्जी ऐप पहले ही प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे लेकर गायब हो जाते हैं। इसलिए डिजिटल लोन हमेशा मान्यता प्राप्त बैंक या विश्वसनीय NBFC के आधिकारिक ऐप से ही लें।
ब्रोकर के चक्कर में पड़ने से बचें
अक्सर लोग समय बचाने के लिए ब्रोकर की मदद लेने लगते हैं, जबकि यही कदम आगे मुसीबत बन जाता है। कई ब्रोकर मीठी बातों में फंसाकर फीस ले लेते हैं और सही जानकारी नहीं देते। कुछ लोग पैसे देने के बाद भी लोन नहीं पा पाते। आज लगभग हर बैंक और NBFC का ऑनलाइन पोर्टल बेहद आसान है, जहाँ बिना किसी बिचौलिये के आपकी पूरी प्रक्रिया हो सकती है।
दस्तावेज़ पढ़े बिना साइन करना भारी पड़ सकता है
लोन से जुड़े कागज़ात पढ़ने में भले थोड़ा समय लगे, लेकिन यही दस्तावेज़ भविष्य में आपकी सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। कई लोग जल्दी में साइन कर देते हैं और बाद में पता चलता है कि ब्याज दर ज्यादा है, छिपे हुए चार्ज लागू हैं या प्रोसेसिंग फीस के नाम पर अतिरिक्त रकम ली जाएगी। इसलिए हर शर्त और हर लाइन ध्यान से पढ़ें, और अगर कुछ समझ न आए तो तुरंत पूछें।
अपनी आय के अनुसार ही EMI तय करें
लोन की राशि आकर्षक लग सकती है, लेकिन EMI आपके मासिक बजट पर भारी न पड़े, यह जरूर देखना चाहिए। ज्यादा EMI लेने से अन्य खर्चे बिगड़ जाते हैं और पेमेंट मिस होने पर क्रेडिट स्कोर पर बुरा असर पड़ता है। EMI कैलकुलेटर का उपयोग करके पहले ही तय कर लें कि आपकी आय के अनुसार कौन सी किस्त सही है और कौन सी मुश्किल पैदा करेगी।