Awarapan 2 Movie Review : इमरान हाशमी की चर्चित फिल्म ‘आवारापन’ के करीब दो दशक बाद अब इसकी कहानी ‘आवारापन 2’ के साथ आगे बढ़ती है. पहली फिल्म की पहचान उसके दर्द, प्यार, संगीत और इमरान के गंभीर अंदाज से बनी थी. ऐसे में सीक्वल के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही थी कि क्या वह पुराने जादू को दोबारा पैदा कर पाएगा?
कहानी में कितना दम?
‘आवारापन 2’ की कहानी एक ऐसे किरदार के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने अतीत से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाया है. हालात उसे दोबारा खतरनाक दुनिया में ले जाते हैं, जहां बदला, रिश्ते और भावनाएं एक-दूसरे से जुड़ती नजर आती हैं। फिल्म में एक्शन के साथ भावनात्मक हिस्से को भी जगह दी गई है. हालांकि कहानी कई जगह दिलचस्प बनी रहती है, लेकिन कुछ हिस्सों में इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी महसूस होती है. यही वजह है कि फिल्म हर मोड़ पर दर्शकों को उतना चौंकाने में सफल नहीं रहती.
इमरान हाशमी का असर बरकरार
फिल्म की सबसे मजबूत कड़ी इमरान हाशमी हैं. उनका गंभीर व्यक्तित्व और शांत अंदाज किरदार में वजन पैदा करता है. एक्शन सीक्वेंस में उनका अंदाज अलग प्रभाव छोड़ता है, जबकि भावुक दृश्यों में उनका अभिनय फिल्म को संभालता है.
क्या पहली फिल्म से बेहतर है?
सीधी बात करें तो ‘आवारापन 2’ पहली फिल्म की बराबरी हर मामले में नहीं कर पाती. पहली फिल्म की सादगी और भावनात्मक गहराई कुछ ज्यादा असरदार थी. फिर भी सीक्वल में पर्याप्त एक्शन, ड्रामा और पुरानी यादों का आकर्षण मौजूद है.
अंतिम फैसला
‘आवारापन 2’ सिर्फ पुराने नाम का सहारा लेने वाली फिल्म नहीं लगती, लेकिन इसे बेहतरीन सीक्वल भी नहीं कहा जा सकता. इमरान हाशमी के फैंस और पहली फिल्म से जुड़ी यादें रखने वाले दर्शकों को यह जरूर पसंद आ सकती है.