Axiom-4 Mission: ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय बन हैं । एक्सिओम मिशन के ग्रेस नामक ड्रैगन कैप्सूल में सवार होकर शुक्ला ने भारतीयों के लिए शुद्ध हिन्दी में बोलते हुए "मेरे कंधों पर तिरंगा मुझे बताता है कि मैं अकेला नहीं हूं और मैं आप सभी के साथ हूं। इससे पहले शुक्ला ने अपनी पत्नी के लिए एक भावनात्मक नोट भी लिखा था। शुक्ला ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट में लिखा एक बेहतरीन साथी होने के लिए कामना को विशेष धन्यवाद। आपके बिना यह सब संभव नहीं था, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह कुछ भी मायने नहीं रखता। उन्होंने एक तस्वीर साझा की जिसमें वे दोनों कांच की दीवार के विपरीत दिशाओं से एक-दूसरे को अलविदा कहते नजर आए।शुक्ला ने इस मिशन में शामिल लोगों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद भी दिया।
अंतरिक्ष यान की आई.एस.एस पर पहुंचने का समय
ड्रैगन अंतरिक्ष यान - जिसका नाम अंतरिक्ष यात्रियों ने ग्रेस रखा है - गुरुवार (26 जून, 2025) को भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे आई.एस.एस पर पहुंचने की उम्मीद है।चालक दल एक नए स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान पर परिक्रमा प्रयोगशाला की यात्रा कर रहा है। लक्षित डॉकिंग समय गुरुवार, 26 जून को पूर्वी समयानुसार सुबह 7 बजे है।
शुभांशु शुक्ला राकेश शर्मा के बाद दूसरे भारतीय
ग्रुप कैप्टन शुक्ला के लिए यह भारतीय वायुसेना के अपने साथी विंग कमांडर राकेश शर्मा की तरह उड़ान भरने का मौका होगा, जिन्होंने 3 अप्रैल 1984 को सोवियत इंटरकॉस्मोस कार्यक्रम के तहत सोयूज टी-11 पर उड़ान भरी थी। शर्मा ने सैल्यूट 7 अंतरिक्ष स्टेशन पर सात दिन अंतरिक्ष में बिताए थे। शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष मे 14 दिन तक रहेंगे।
ग्रेस यान कितने समय में लगाता है पृथ्वी का चक्कर
ग्रेस 90 मिनट में एक बार पृथ्वी का चक्कर लगाता है। ड्रैगन 400 मीटर की दूरी से होगा और ग्राउंड कंट्रोलर और ऑनबोर्ड सॉफ्टवेयर का आकलन करते हुए आगे बढ़ेगा ।
मिशन में कितने अंतरिक्ष यात्री शामिल
पैगी व्हिटसन इस मिशन की लीडर हैं । जबकि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला पायलट के रूप में काम कर रहे हैं। दो मिशन विशेषज्ञ पोलैंड के यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी परियोजना अंतरिक्ष यात्री स्लावोज़ उज़्नान्स्की-विस्नीव्स्की और हंगरी के टिबोर कापू हैं।