Axiom Mission-4: शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष यान से ही देशवासियों के नाम पहला संदेश जारी कर दिया.. उन्होने कहा "नमस्कार, मेरे प्यारे देशवासियों, 41 साल बाद हम अंतरिक्ष में पहुंच गए हैं, यह यादगार यात्रा है। हम 7.5 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से धरती का चक्कर काट रहे हैं, मेरे कंधों पर भारत का भार है,, आपको बता दें कि अंतरिक्ष में भारत एक फिर झण्डा गाड़ने के लिए तैयार है। एक्सिओम-4 मिशन के तहत भारतीय अंतरिक्षयात्री शुभांशु शुक्ला तीन अन्य अंतरिक्षयात्रियों के साथ बुधवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आइएसएस) से उड़ान भरी और अंतरिक्ष पहुंचा.. यह मौका भारत के लिए 41 साल का इंतजार कराने के बाद पूरा होने जा रहा है। एक्सिओम-4 मिशन भारत के लिए एक गर्व का पल है, जिससे देश को कई तरह के फायदे मिलेंगे। यह मिशन भारत के लिए एक नया मील का पत्थर होगा साबित होगा। इस मिशन के माध्यम से भारत को वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान और उपस्थिति दर्ज करने का अवसर मिला। आज पूरी दुनिया की निगाहें इस ऐतिहासिक क्षण पर हैं.. और भारत के लाल शुभांशु शुक्ला की हर तरफ जय-जयकार हो रही है..
पूरी दुनिया की निगाहें इस ऐतिहासिक क्षण पर
एक्सिओम-4 मिशन भारत के लिए गौरव का क्षण है। NASA ने घोषणा की है कि Axiom-4 मिशन अब 25 जून यानी आज को लॉन्च किया जाएगा। यह मिशन भारत, हंगरी और पोलैंड, तीनों देशों के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है। खासकर भारत के लिए क्योंकि लंबे समय बाद कोई भारतीय अंतरिक्ष के सफर की ओर रवाना होगा। इस मिशन में भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की ओर रवाना होंगे। यह पल भारत के लिए बहुत खास माना जा रहा है।
एक्सिओम-4 मिशन
एक्सिओम 4 कॉर्मशियल मिशन की लीडर कमांडर पैगी व्हिटसन हैं और शुभांशु शुक्ला मिशन पायलट हैं जबकि हंगरी के अंतरिक्ष यात्री टिबोर कपू और पोलैंड के स्लावोज उज्नान्स्की-विस्नीव्स्की मिशन विशेषज्ञ हैं।
कई बार टला मिशन
एक्सिओम मिशन-4 मिशन की लॉन्चिंग डेट 29 मई को होनी थी, लेकिन फाल्कन-9 रॉकेट के बूस्टर में तरल ऑक्सीजन के रिसाव और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के पुराने रूसी मॉड्यूल में भी रिसाव होने का पता चलने के बाद पहले इसे आठ जून, फिर 10 जून और फिर 11 जून के लिए टाल दिया गया
आईएसएस पर कितने रहेंगें यात्री
एक्सिओम मिशन-4 एक प्राइवेट स्पेस उड़ान है, जिसे एक्सिओम स्पेस, नासा और स्पेसएक्स मिलकर काम कर रहें है। इस मिशन में 4 अंतरिक्ष यात्री इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर पूरे 2 हफ्ते यान 14 दिन बिताएंगे, जहां वह माइक्रोग्रैविटी और बायो साइंस से जुड़े एक्पेरिमेंट करेंगे।