अयोध्या धाम में श्रीरामलला के विराजमान होने की दूसरी वर्षगांठ पर प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह पूरे वैभव के साथ मनाया जा रहा है। राम मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा दिखाई दिया। भारी भीड़ और वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर में पूजा-अर्चना कर दर्शन किए। रामनगरी की गलियां भक्ति और उल्लास से सराबोर नजर आईं और हर ओर जय श्रीराम का उद्घोष गूंजता रहा।
राम के आदर्शों पर राजनाथ सिंह का संबोधन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में भगवान राम को भारतीय जीवन दर्शन का सजीव प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि राम केवल आस्था नहीं, बल्कि नीति, मर्यादा और कर्तव्य का स्वरूप हैं। सत्य, संयम, सुशासन और संघर्ष—इन सभी का समन्वय राम में दिखाई देता है। उन्होंने युद्ध के दौरान भी मर्यादा बनाए रखने के राम के आदर्शों का उल्लेख किया और कहा कि शक्ति जब उन्माद बनती है, तब राम मर्यादा बनकर उसे रोकते हैं। राजनाथ सिंह ने आधुनिक भारत की नीतियों को भी इसी मर्यादा से जोड़ते हुए उदाहरण दिए।
ऑपरेशन सिंदूर और राम मर्यादा का संदर्भ
रक्षा मंत्री ने कहा कि जैसे भगवान राम का लक्ष्य अधर्म का अंत था, वैसे ही भारत की सैन्य कार्रवाइयों का उद्देश्य भी सीमित, नियंत्रित और मूल्य आधारित रहा है। उन्होंने ऑपरेशन ‘सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने प्रतिक्रिया में संयम और उद्देश्य दोनों को बनाए रखा। उन्होंने यह भी कहा कि राम विनम्र, करुणामय और शीलवान हैं, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर दुष्ट दलन की भूमिका भी निभाते हैं। उनके अनुसार, यही संतुलन भारतीय परंपरा की सबसे बड़ी ताकत है।
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सीएम योगी और मंदिर निर्माण की झलक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को आधुनिक सुविधाओं से युक्त आध्यात्मिक नगरी के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने अयोध्या के सोलर सिटी बनने, अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बेहतर रेल और सड़क कनेक्टिविटी की जानकारी दी। मंदिर ट्रस्ट के चंपत राय ने मंदिर निर्माण की मजबूती और दीर्घकालिक संरचना पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि परिसर में विभिन्न देवी-देवताओं और रामायण से जुड़े पात्रों के मंदिर बनाए गए हैं। प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम जारी है और अंगद टीला पर संतों व श्रद्धालुओं को संबोधन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।