अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर एक बार फिर ऐतिहासिक और भक्ति से सराबोर दृश्य का साक्षी बना, जब राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। अभिजीत मुहूर्त में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमानजी की मूर्तियों को प्रतिष्ठित किया गया। इस शुभ अवसर पर सूरत के हीरा कारोबारी मुकेश पटेल ने आस्था और श्रद्धा के साथ करोड़ों रुपये के हीरे, सोने और चांदी से जड़े आभूषण मंदिर को दान किए। इस धार्मिक आयोजन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए और उन्होंने पूजन कर आयोजन को शुभकामनाएं दीं। अयोध्या एक बार फिर रामभक्ति की दिव्य भावना से गूंज उठी।
हीरे-जवाहरात से सजा राम दरबार
सूरत के उद्योगपति मुकेश पटेल ने श्रीराम दरबार के लिए 1000 कैरेट हीरे, 300 ग्राम सोना और 30 किलो चांदी से बने आभूषण दान किए हैं। इन आभूषणों में राम दरबार के 11 मुकुट, गहने, तिलक, कुंडल, हार, चंवर, तुणीर, गदा और विशेष धनुष-बाण शामिल हैं। सभी आभूषण चार्टर्ड प्लेन से अयोध्या भेजे गए और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपे गए।
जयपुर में बनीं संगमरमर की मूर्तियां
राम दरबार की मूर्तियां जयपुर में निर्मित की गई हैं, जो मकराना के सफेद संगमरमर से बनी हैं। भगवान श्रीराम और माता सीता सिंहासन पर विराजमान हैं जबकि हनुमानजी और भरत उनके चरणों में स्थान लिए हैं। इन प्रतिमाओं की भव्यता श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रही है।सीएम योगी आदित्यनाथ ने राम दरबार की प्रतिष्ठा में भाग लिया और अयोध्या में 6 घंटे तक रुककर सात उपमंदिरों में स्थापित शिव, गणेश, सूर्य, अन्नपूर्णा, हनुमान, भगवती और अन्य विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा में भी भाग लिया।
सप्त मंडपम में संत-ऋषियों की प्रतिष्ठा
साथ ही सप्त मंडपम में महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, निषादराज, अहिल्या और शबरी की मूर्तियों का भी विधिवत पूजन कर प्रतिष्ठा की गई। इस अनुष्ठान का शुभारंभ 3 जून को हुआ था, जो आज संपन्न हुआ।राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा ने एक बार फिर अयोध्या को रामभक्ति, श्रद्धा और संस्कृति के केंद्र के रूप में प्रतिष्ठित कर दिया है। यह आयोजन भारतीय आस्था और परंपरा का दिव्य प्रतीक बन गया है।