Azam Khan denied: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की भाभी सलमा शहनाज का निधन हो गया है। पारिवारिक शोक के इस कठिन समय में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को जनाज़े में शामिल होने की अनुमति नहीं मिल सकी। दोनों इस समय दो पैन कार्ड मामले में सजा काट रहे हैं और रामपुर जिला कारागार में बंद हैं। परिवार की ओर से जिला प्रशासन से कुछ घंटों की पैरोल की मांग की गई थी, ताकि वे अंतिम विदाई में शामिल हो सकें, लेकिन यह अनुरोध स्वीकार नहीं किया गया।
चार घंटे की पैरोल की थी मांग
परिजनों ने जिला मजिस्ट्रेट को प्रार्थना पत्र देकर दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक की पैरोल मांगी थी। आवेदन में बताया गया कि मृतका आजम खान के बड़े भाई शरीफ खान की पत्नी थीं और अब्दुल्ला आजम की सगी ताई थीं। अंतिम दर्शन और जनाज़े में शामिल होना परिवार की भावनात्मक आवश्यकता बताया गया था। बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और आजम खान के वकील भी इस अनुरोध को लेकर प्रशासन से मिले, लेकिन प्रशासन की ओर से पैरोल देने से इनकार कर दिया गया।
जेल में बंद हैं पिता-पुत्र
गौरतलब है कि 17 नवंबर को एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में सात साल की सजा सुनाई थी। तभी से दोनों रामपुर जेल में बंद हैं। भाभी के निधन की सूचना मिलने के बाद परिवार को उम्मीद थी कि मानवीय आधार पर कुछ समय की छूट मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इस फैसले के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज है कि व्यक्तिगत दुख के समय पैरोल न मिलना संवेदनशील मुद्दा बन गया है।