Azam Khan Case: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर सीधे सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को वापस इलाहाबाद हाई कोर्ट भेजते हुए जल्द सुनवाई का अनुरोध किया है। आजम खान की ओर से हाई कोर्ट में 16 नवंबर तक सुनवाई करने की अपील की गई है। इस फैसले के बाद अब उनकी कानूनी लड़ाई हाई कोर्ट में आगे बढ़ेगी।
कपिल सिब्बल ने अदालत में रखी आजम खान की दलील
आजम खान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि आजम खान करीब 80 वर्ष के हैं और उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। सिब्बल ने दलील दी कि दो पैन कार्ड मामले में जमानत मिलने के बाद जैसे ही आजम खान जेल से बाहर आए, ईडी ने उन्हें वर्ष 2019 के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई के पीछे आजम खान को आगामी चुनावी गतिविधियों से दूर रखने का उद्देश्य है।
सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट जाने की दी सलाह
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि आजम खान को पहले अपनी बात हाई कोर्ट के सामने रखनी चाहिए। अदालत ने उनकी याचिका इलाहाबाद हाई कोर्ट को भेजने का निर्देश दिया। साथ ही हाई कोर्ट से मामले पर जल्द सुनवाई करने का अनुरोध किया गया। आजम खान ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट से राहत मांगी थी, लेकिन अब इस मामले में हाई कोर्ट के फैसले का इंतजार करना होगा।
जमानत के बाद जेल से निकलते ही ईडी ने किया गिरफ्तार
आजम खान को 31 अक्टूबर को दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिली थी। इसके बाद उन्हें रामपुर जेल से रिहा किया गया। हालांकि, जेल से बाहर आते ही ईडी ने जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें हिरासत में ले लिया। करीब 11 महीने बाद जेल से बाहर आए आजम खान को एक बार फिर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
डासना जेल में न्यायिक हिरासत में हैं आजम खान
ईडी आजम खान को पूछताछ और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए गाजियाबाद लेकर पहुंची थी। मेडिकल जांच के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद उन्हें गाजियाबाद की डासना जेल में रखा गया है। ईडी की इस कार्रवाई के खिलाफ आजम खान ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट से सीधे राहत नहीं मिलने के बाद अब उनकी उम्मीदें इलाहाबाद हाई कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं।