रामपुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को लेकर लगातार सनसनी फैल रही है। पहले खबरें आईं कि उन्हें न कुर्सी मिल रही है, न कंबल, और दवाओं तक की कमी हो गई है। इस बीच अचानक यह दावा वायरल हुआ कि आजम खान की तबीयत बिगड़ गई है और उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है। इन खबरों ने समर्थकों के साथ सियासी गलियारों में भी हलचल मचा दी। लेकिन अब जेल प्रशासन ने इन सभी बातों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि आजम खान बिल्कुल सामान्य हैं और किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या नहीं है। अधिकारियों के अनुसार बाहर फैल रही खबरें भ्रामक हैं और उनका हकीकत से कोई लेना-देना नहीं।
जेल में बैठने के लिए कुर्सी की मांग
विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब आजम खान ने उम्र और सेहत का हवाला देते हुए जेल में बैठने के लिए कुर्सी की मांग की। प्रशासन ने साफ कहा कि जेल मैनुअल किसी भी बंदी को कुर्सी देने की अनुमति नहीं देता। इसके बाद बताया गया कि आजम बेहद नाराज हो गए और अपने बेटे अब्दुल्ला, बहन तथा अन्य परिजनों से मुलाकात तक से इनकार कर दिया। आजम नियमों में ढील चाहते रहे, जबकि प्रशासन ने हर बार स्पष्ट किया कि वह कानूनी प्रावधानों के तहत ही काम करेगा। इसी तनातनी ने पूरे मामले को और अधिक विवादित बना दिया।
कंबल को लेकर भी तनाव बढ़ा
रिपोर्ट्स के मुताबिक आजम ने घर से कंबल मंगवाने की अनुमति मांगी, जिसे जेल मैनुअल के विरुद्ध बताते हुए प्रशासन ने रोक दिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर फैल गया कि आजम को ठंड में परेशान किया जा रहा है, जबकि जेल अधिकारियों ने बाद में उन्हें अतिरिक्त कंबल, फोम का गद्दा और चादर उपलब्ध कराए। विवाद यहीं नहीं रुका दवाओं की कमी की चर्चा भी तेजी से वायरल हो गई। कहा गया कि उनकी नियमित दवाएं खत्म हैं, लेकिन प्रशासन ने बताया कि डॉक्टर की सलाह पर बाजार से दवाएं खरीदकर तुरंत उपलब्ध कराई गईं।
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सुरक्षा और स्वास्थ्य का पूरा ध्यान- प्रशासन
जेल प्रशासन का कहना है कि आजम खान की सुरक्षा और स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। अधिकारियों ने साफ किया कि आजम की सेहत सामान्य है, वे क्वारनटाइन बैरक में सुरक्षित हैं और बाहर चल रही खबरें पूरी तरह गलत हैं। हालांकि यह भी सच है कि हाल के दिनों में सुविधाओं को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ा है और आजम द्वारा खुद मुलाकातों से इनकार करने से विवाद और गहरा हो गया है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या वाकई उनकी तबीयत बिगड़ी थी या फिर यह सिर्फ चल रहे टकराव का असर था फिलहाल प्रशासन के बयान के बाद इसी पर बहस छिड़ी हुई है।