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Azam Khan released on bail: उत्तर प्रदेश की सीतापुर जेल से 23 महीने बाद जमानत पर रिहा हुए समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खां की परेशानियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। मंगलवार को दोपहर 12:18 बजे वह जेल से बाहर आए और अपने बेटे अदीब व करीबियों के साथ रामपुर रवाना हो गए। हालांकि उनकी रिहाई सुबह तय थी, लेकिन रामपुर कोर्ट में एक मामले का चालान समय पर जमा न होने के कारण देरी हुई। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी सरकार बनने पर आज़म खां के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएंगे, जबकि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने टिप्पणी की कि सपा-बसपा 2027 में हार के लिए तैयार रहें।
जौहर विश्वविद्यालय और ईडी की जांच
आज़म खां के प्रोजेक्ट जौहर विश्वविद्यालय को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच जारी है। उन पर आरोप है कि विश्वविद्यालय परिसर में 418.37 करोड़ रुपये से 58 निर्माण कार्यों के दौरान सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ। इस मामले में उनके करीबियों और कई विभागों के तत्कालीन अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो रही है। इसके अलावा जल निगम में भर्तियों में गड़बड़ी और किसानों की जमीनों की खरीद-फरोख्त जैसे प्रकरण भी ईडी की जांच के दायरे में हैं। करोड़ों की संपत्ति जब्त करने की चर्चा हुई थी, हालांकि अभी तक ईडी ने जब्ती की कार्रवाई नहीं की है।
आयकर विभाग भी कर रहा जांच
ईडी के साथ-साथ आयकर विभाग ने भी आज़म खां, उनकी पत्नी तंजीम फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आज़म के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जांच शुरू की है। जांच एजेंसियों का ध्यान न केवल विश्वविद्यालय बल्कि परिवार की अन्य संपत्तियों और आर्थिक लेन-देन पर भी केंद्रित है। यानी बेल पर रिहाई के बाद भी आज़म खां कानूनी शिकंजे से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाए हैं और आने वाले दिनों में उनके लिए मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।