इंदौर के पास रंगवासा गांव में है बाबा भूतनाथ मंदिर, जहां सिगरेट और शराब का चढ़ता है भोग; निसंतान दंपत्तियों से लेकर गंभीर बीमारियों के लिए आते हैं श्रद्धालु। भारत में आस्था और पूजा की परंपराएं जितनी विविध हैं, उतनी ही रहस्यमयी भी। ऐसा ही एक अनोखा मंदिर है मध्य प्रदेश के इंदौर से लगभग 20 किलोमीटर दूर राऊ के रंगवासा गांव में स्थित बाबा भूतनाथ मंदिर, जहां श्रद्धालु भगवान को धूप-अगरबत्ती नहीं बल्कि जलती सिगरेट और शराब चढ़ाते हैं। मान्यता है कि यहां बाबा को जो भी भक्त सिगरेट की अर्जी लगाता है, उसकी मुराद जरूर पूरी होती है।
स्वयंभू शिव प्रतिमा और बिना पुजारी का मंदिर
मंदिर के गर्भगृह में लेटे हुए रूप में भगवान भूतनाथ महाकाल की स्वयंभू प्रतिमा विराजमान है। यहां न तो कोई पुजारी है और न ही परंपरागत पूजा पद्धति। कुछ सेवादार ही मंदिर की व्यवस्था संभालते हैं और भक्तों को जानकारी देते हैं।
सिगरेट से लगती है अर्जी, दंपत्ति बांधते हैं मन्नत का धागा
इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत है कि भक्त सिगरेट जलाकर बाबा को अर्जी लगाते हैं। मंदिर के यज्ञकुंड में सिगरेट अर्पित की जाती है। निसंतान दंपत्ति मंदिर के पानी का 21 दिन तक सेवन करते हैं और मन्नत के तौर पर धागा बांधते हैं, जिसे मनोकामना पूरी होने पर खोलते हैं।
गंभीर बीमारियों से भी मिलती है राहत
मान्यता है कि यहां लकवा, कैंसर और निःसंतानता जैसी समस्याओं से निजात मिलती है। हर रविवार को यहां भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। बाबा भूतनाथ के प्रति लोगों की गहरी आस्था इस अनोखी परंपरा को जीवंत बनाए हुए है।