उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कयामत तक बाबरी मस्जिद के ढांचे का पुनर्निर्माण नहीं होगा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण पूरा हो चुका है और अब बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण कभी नहीं होगा। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग कयामत के दिन का इंतजार कर रहे हैं, वे इंतजार करते-करते सड़ जाएंगे, क्योंकि ऐसी कोई कयामत आने वाली नहीं है।
कोई उन्हें रोक नहीं सकता
योगी आदित्यनाथ के बयान पर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता और जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने कहा है कि वे बाबरी मस्जिद की नकल पर मस्जिद बनाएंगे और कोई उन्हें रोक नहीं सकता। उन्होंने योगी आदित्यनाथ को सीधे चुनौती देते हुए कहा, "मस्जिद बनाकर रहूंगा, रोक सको तो रोक लो"।
5 एकड़ जमीन देने का किया था वादा
बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में फैसला दिया था कि वहां राम मंदिर बनेगा और सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ जमीन दी जाएगी।
बाबरी मस्जिद का इतिहास
बाबरी मस्जिद का इतिहास बहुत पुराना और विवादित है। इसका निर्माण 1528 में मुगल बादशाह बाबर के आदेश पर मीर बाकी ने इस निर्माण करवाया था। कहा जाता है कि यह मस्जिद अयोध्या में राम जन्मभूमि पर बनाई गई थी, जहां राम का जन्म हुआ था। 19वीं शताब्दी में इस मस्जिद को लेकर विवाद शुरू हुआ, जब हिंदू समुदाय ने दावा किया कि यह मस्जिद राम जन्मभूमि पर बनाई गई है। मस्जिद में राम की मूर्तियां रखी गईं और हिंदू समुदाय ने पूजा शुरू कर दी। विवादित ढांचे को बाबरी मस्जिद के रूप में जाना जाता था, उसे हिंदू समुदाय के लोगों ने तोड़ दिया। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि अयोध्या में राम मंदिर बनेगा और सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ जमीन दी जाएगी। 2020 में राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ और 2024 में इसका उद्घाटन हुआ।