मध्यप्रदेश की सियासत में उस वक्त अनोखा दृश्य देखने को मिला जब कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने विधानसभा परिसर के बाहर शीर्षासन कर विरोध जताया। शिवरात्रि पर शिव बारात के दौरान हर्ष फायरिंग के मामले में दर्ज एफआईआर को लेकर उन्होंने यह अनोखा प्रदर्शन किया। विधायक का आरोप है कि उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
गांधी प्रतिमा के सामने शीर्षासन
राजधानी Bhopal स्थित विधानसभा भवन के बाहर कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने शीर्षासन कर विरोध दर्ज कराया। यह विरोध शिवपुरी जिले से जुड़े हर्ष फायरिंग मामले में दर्ज एफआईआर को लेकर था। अचानक किए गए इस प्रदर्शन को देखकर वहां मौजूद लोग और अन्य जनप्रतिनिधि हैरान रह गए।
शिव बारात में हर्ष फायरिंग बना विवाद
विधायक ने बताया कि 15 फरवरी को उनके क्षेत्र में धार्मिक कार्यक्रम और यज्ञ का आयोजन हुआ था। तीन दिनों तक हवन और पूजन के बाद शिव बारात निकाली गई, जिसमें साधु-संत और ब्राह्मण शामिल हुए। इसी दौरान खुशी में एक राउंड हर्ष फायर किया गया। उनका कहना है कि यह पारंपरिक उत्सव का हिस्सा था और इसे गलत तरीके से पेश कर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
सदन में भी गूंजा मुद्दा
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान शून्यकाल में कांग्रेस विधायकों ने इस मामले को उठाया। उन्होंने एफआईआर को राजनीतिक प्रतिशोध बताया और सरकार से मामले की समीक्षा की मांग की। स्पीकर ने विषय को संबंधित विभाग को भेजने की बात कही, लेकिन असंतुष्ट विपक्षी विधायकों ने वॉकआउट कर दिया। इसके बाद बाबू जंडेल ने सदन के बाहर शीर्षासन कर विरोध जताया।
पहले भी दर्ज हो चुकी हैं एफआईआर
बाबू जंडेल का कहना है कि यह पहला मामला नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले भी विभिन्न मुद्दों पर आवाज उठाने के कारण उनके खिलाफ कई एफआईआर दर्ज की गईं। हालांकि, अदालत से उन्हें कई मामलों में राहत मिली है। विधायक ने चेतावनी दी है कि यदि यह मामला वापस नहीं लिया गया तो वे आगे भी इसी तरह अनोखे तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे, चाहे वह गांधी आश्रम हो या सड़क।