सी-सेक्शन के बाद कमर दर्द: सी-सेक्शन (सिजेरियन डिलीवरी) के बाद कई महिलाओं को कमर दर्द की शिकायत होती है. यह समस्या कुछ दिनों से लेकर कई हफ्तों या महीनों तक रह सकती है। आमतौर पर यह शरीर में होने वाले बदलाव, सर्जरी के बाद रिकवरी और नवजात शिशु की देखभाल के दौरान बढ़ने वाले शारीरिक दबाव के कारण होती है। सही देखभाल और कुछ आसान उपाय अपनाकर इस दर्द को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
सी-सेक्शन के बाद कमर दर्द क्यों होता है?
गर्भावस्था के दौरान शरीर का वजन बढ़ने और हार्मोनल बदलाव के कारण रीढ़ और कमर की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. सी-सेक्शन के बाद पेट की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे कमर को पर्याप्त सहारा नहीं मिल पाता। इसके अलावा लंबे समय तक बच्चे को गोद में उठाना, झुककर स्तनपान कराना या गलत तरीके से बैठना भी कमर दर्द को बढ़ा सकता है.
दर्द से राहत पाने के आसान उपाय
कमर दर्द होने पर पर्याप्त आराम करें, लेकिन पूरे दिन बिस्तर पर रहने से बचें। डॉक्टर की सलाह के अनुसार हल्की-फुल्की वॉक और धीरे-धीरे शुरू किए गए व्यायाम मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं। बैठते समय पीठ को सहारा दें और स्तनपान कराते समय तकिया लगाकर आरामदायक स्थिति अपनाएं। बच्चे को उठाते समय कमर से झुकने की बजाय घुटनों को मोड़कर उठाएं.
गर्म या ठंडी सिकाई कब करें?
अगर कमर में अकड़न महसूस हो रही है तो हल्की गर्म सिकाई आराम दे सकती है. वहीं, यदि सूजन या तेज दर्द महसूस हो तो कुछ मामलों में ठंडी सिकाई भी लाभदायक हो सकती है। किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहता है, खासकर यदि सर्जरी के घाव पूरी तरह ठीक नहीं हुए हों.
खानपान का भी रखें ध्यान
रिकवरी के दौरान संतुलित आहार लेना जरूरी है। भोजन में प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, विटामिन डी और पर्याप्त मात्रा में पानी शामिल करें। पौष्टिक भोजन शरीर की रिकवरी में मदद करता है और मांसपेशियों को मजबूती देने में सहायक हो सकता है.
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
यदि कमर दर्द बहुत तेज हो, लगातार बढ़ता जाए, पैरों में सुन्नपन या कमजोरी महसूस हो, बुखार आए या सर्जरी वाली जगह पर लालिमा, सूजन या पस दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ऐसे लक्षण सामान्य रिकवरी का हिस्सा नहीं भी हो सकते हैं और जांच की जरूरत पड़ सकती है.
रिकवरी में धैर्य है जरूरी
सी-सेक्शन के बाद शरीर को पूरी तरह ठीक होने में समय लगता है। इसलिए खुद पर अधिक शारीरिक दबाव डालने से बचें और धीरे-धीरे सामान्य दिनचर्या अपनाएं. सही मुद्रा, संतुलित आहार, पर्याप्त आराम और डॉक्टर की सलाह के अनुसार हल्की गतिविधियां अपनाकर कमर दर्द को कम करने और रिकवरी को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है.
नोट : यदि कमर दर्द कई सप्ताह तक बना रहे या दैनिक काम करने में कठिनाई होने लगे, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लेना उचित है.