मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में कुएं में बनी जहरीली गैस ने दो किसानों की जान ले ली। मोटर पंप निकालने के लिए कुएं में उतरे दोनों किसान दम घुटने और पानी में डूबने से मौत का शिकार हो गए। चिंताजनक बात यह है कि प्रदेश में पिछले तीन दिनों के भीतर कुओं में जहरीली गैस से जुड़ी यह तीसरी घटना है, जिसमें अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है और दो अन्य घायल हुए हैं।
मोटर पंप निकालने उतरे, जान चली गई
बालाघाट जिले के किरनापुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत दहेदी के पीपरटोला में खेत की सिंचाई के लिए लगे मोटर पंप में खराबी आने पर दो किसान उसे निकालने कुएं में उतरे। बताया गया कि कुएं के भीतर बनी जहरीली गैस की चपेट में आने से दोनों बेहोश हो गए और उनकी मौत हो गई।
रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। लंबे रेस्क्यू अभियान के बाद दोनों शवों को कुएं से बाहर निकालकर पुलिस को सौंपा गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
लगातार बढ़ रहे ऐसे हादसे
प्रदेश में कुओं में जहरीली गैस से होने वाली घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। पिछले तीन दिनों में यह तीसरी घटना है। इससे पहले भी अलग-अलग स्थानों पर इसी तरह के हादसों में लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग घायल हुए हैं। लगातार हो रही घटनाओं ने ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
बिना सुरक्षा कुएं में उतरना बन रहा जानलेवा
धान की रोपाई के मौसम में किसान सिंचाई के लिए मोटर पंप का अधिक उपयोग कर रहे हैं। खराबी आने पर कई बार बिना गैस की जांच और सुरक्षा उपकरणों के कुएं में उतर जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार बंद और गहरे कुओं में जहरीली गैस जमा हो सकती है, जो कुछ ही मिनटों में जानलेवा साबित हो सकती है।