बलूच नेशनल मूवमेंट (बीएनएम) ने अमेरिका के सिएटल में विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन ने बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की ओर से गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों को लेकर लोगों को जागरूक किया। प्रदर्शनकारियों ने बलूच नागरिकों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और प्रांत के विभिन्न हिस्सों में बमबारी का मुद्दा उठाया।
पाकिस्तानी सेना को समर्थन
बीएनएम के अनुसार, प्रदर्शन को संबोधित करने वाले वक्ताओं ने अमेरिकी नागरिकों से बलूचिस्तान में जारी मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। वक्ताओं ने दावा किया कि अमेरिकी करदाताओं के पैसे से पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता का इस्तेमाल अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तानी सेना को समर्थन देने में हो रहा है।
बलूच नागरिकों की जान जा रही
उन्होंने बलूचिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघन, हिंसा और सैन्य कार्रवाई का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के अभियानों और बमबारी के कारण बलूच नागरिकों की जान जा रही है।
सम्मान की शर्त से जोड़ा जाना चाहिए
प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी सरकार से पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों और उसे दी जाने वाली सहायता की समीक्षा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को दी जाने वाली किसी भी सहायता को मानवाधिकारों के सम्मान की शर्त से जोड़ा जाना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर अमेरिका को बलूचिस्तान में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों को रोकने और बलूच लोगों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
लड़कियों की परेशानियों का मुद्दा उठाया
इससे पहले गुरुवार को जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के 63वें सत्र के दौरान बीएनएम के कई सदस्यों ने बलूचिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई थी। उन्होंने सुराब, जेहरी और चिल्टन में पाकिस्तानी सेना के हवाई हमलों के साथ बलूच महिलाओं और लड़कियों की परेशानियों का मुद्दा उठाया।