Balochistan Violence---पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हिंसा एक बार फिर तेज होती नजर आ रही है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी यानी BLA ने दो अलग-अलग हमलों में पाकिस्तानी सेना के 25 जवानों को मारने का दावा किया है। संगठन ने हमलों का एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें सैन्य वाहनों में आग लगी दिखाई दे रही है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर पाकिस्तानी सेना ने जवाबी कार्रवाई में करीब 50 उग्रवादियों को मारने का दावा किया है।
सेना के काफिले पर हमले का दावा
BLA के मुताबिक जियारत क्रॉस इलाके में उसके ‘फतेह स्क्वाड’ ने पाकिस्तानी सेना के एक काफिले पर घात लगाकर हमला किया। संगठन का दावा है कि हमले में दो सैन्य वाहन तबाह हुए और 18 जवान मारे गए, जबकि पांच अन्य घायल हुए। BLA ने इस कार्रवाई को अपने हालिया अभियान का हिस्सा बताया है।
हमले का वीडियो जारी, सैन्य वाहन जलते दिखे
BLA से जुड़े मीडिया आउटलेट ने हमले का वीडियो जारी किया है। फुटेज में आग की लपटों से घिरे सैन्य वाहनों और हथियारबंद लड़ाकों को दिखाया गया है। कुछ दृश्यों में क्षतिग्रस्त वाहनों से हथियार ले जाते लड़ाके भी नजर आ रहे हैं। हालांकि, वीडियो और इसमें किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
फतेह स्क्वाड पर पहले भी लगे हैं बड़े हमलों के आरोप
BLA का फतेह स्क्वाड बलूचिस्तान के पहाड़ी इलाकों में सक्रिय एक लड़ाकू इकाई के तौर पर बताया जाता है। संगठन गुरिल्ला हमलों और घात लगाकर कार्रवाई करने का दावा करता रहा है। मार्च 2025 में जाफर एक्सप्रेस से जुड़े हमले और सुरब के हाजिका इलाके में कार्रवाई को लेकर भी BLA ने अपनी भूमिका का दावा किया था।
पाकिस्तानी सेना का पलटवार, 50 उग्रवादी मारने का दावा
BLA के दावों के बाद पाकिस्तानी सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की जानकारी दी। सेना के अनुसार मस्तुंग, सिबी, क्वेटा और कलात में अभियान चलाकर करीब 50 उग्रवादियों को मारा गया। सेना का दावा है कि इनमें BLA और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से जुड़े लोग शामिल थे।
बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा ने बढ़ाई चिंता
बलूचिस्तान में पिछले कुछ महीनों से अलगाववादी संगठनों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसा बढ़ी है। BLA सैन्य ठिकानों और सुरक्षा काफिलों को निशाना बनाने का दावा करता रहा है, जबकि पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां जवाबी अभियान चला रही हैं। दोनों पक्षों के दावों के बीच हताहतों की वास्तविक संख्या स्पष्ट नहीं है। ऐसे में बलूचिस्तान में बढ़ता टकराव पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।