पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक साथ कई शहरों और कस्बों में बड़े फिदायीन हमले हुए। इन हमलों में करीब 50 लोगों की मौत की खबर है, जिनमें कम से कम 17 सुरक्षाकर्मी शामिल बताए जा रहे हैं। हमला अचानक हुआ और अलग-अलग इलाकों में फैल गया, जिससे आम लोगों में दहशत फैल गई। बाजार, सड़कें और सार्वजनिक जगहें खाली हो गईं। इन हमलों से पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
BLA का दावा, दो महिला हमलावर शामिल
हमलों के बाद बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने जिम्मेदारी लेते हुए दो महिला हमलावरों की तस्वीरें जारी कीं। संगठन का दावा है कि हमले में शामिल दोनों हमलावर महिलाएं थीं। इनमें से एक की पहचान 24 साल की आसिफा मेंगल के रूप में बताई गई है, जो नुश्की इलाके की रहने वाली थी। BLA के मुताबिक, उसने जनवरी 2024 में आत्मघाती हमलावर बनने का फैसला किया था और नुश्की में एक बड़े ठिकाने को निशाना बनाया। दूसरी महिला की पहचान अभी सामने नहीं आई है।
हमले से पहले का वीडियो, सरकार पर आरोप
सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें दूसरी महिला हमलावर अपने साथियों के साथ नजर आ रही है। वीडियो में वह पाकिस्तानी सरकार की आलोचना करती दिखती है। इस वीडियो के सामने आने के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस वीडियो की जांच कर रही हैं। इस तरह के प्रचार से हालात और बिगड़ सकते हैं, जिससे बलूचिस्तान में पहले से चल रही हिंसा को और हवा मिल सकती है।
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सुरक्षाबलों का बड़ा ऑपरेशन, भारी मुठभेड़
हमलों के बाद पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाया। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 40 घंटे तक चले ऑपरेशन में 140 से ज्यादा आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया है। पाकिस्तान के अधिकारियों ने बताया कि हमलावर आम लोगों के कपड़ों में स्कूलों, बाजारों, बैंकों और अस्पतालों में घुसे थे। नुश्की, ग्वादर, चमन, हब, नसीराबाद और मकरान जैसे इलाकों में सबसे ज्यादा असर देखा गया।
बलूचिस्तान का दर्द, सबसे बड़ा लेकिन गरीब प्रांत
बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, लेकिन विकास के मामले में सबसे पीछे माना जाता है। यहां लंबे समय से हिंसा और अशांति बनी हुई है। बलूच संगठन ज्यादा अधिकार और प्राकृतिक संसाधनों में हिस्सेदारी की मांग करते रहे हैं। लगातार हमलों और सैन्य कार्रवाइयों से आम लोगों की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। कारोबार ठप पड़ रहा है, निवेश रुक रहा है और हालात दिन-ब-दिन खराब होते जा रहे हैं।
पाकिस्तान को कितना नुकसान, आगे क्या खतरा
इन हमलों से पाकिस्तान को सिर्फ जान-माल का नुकसान नहीं हुआ, बल्कि उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि पर भी असर पड़ा है। सुरक्षा पर खर्च बढ़ेगा, निवेशकों का भरोसा कमजोर होगा और आम लोगों की परेशानी और बढ़ेगी। महिला फिदायीन हमलावरों की एंट्री से हालात और जटिल हो सकते हैं। अगर हालात पर जल्द काबू नहीं पाया गया, तो बलूचिस्तान की आग पूरे देश के लिए और बड़ा संकट बन सकती है।