छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में एक औद्योगिक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। बकुलाही क्षेत्र स्थित स्पंज आयरन प्लांट की कोल भट्ठी में हुए भीषण ब्लास्ट से अब तक 6 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। धमाके के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन ने तत्काल राहत व बचाव कार्य शुरू कराया।
सुबह हुआ जोरदार विस्फोट, दूर तक दिखा धुआं
सुबह करीब 9.30 बजे प्लांट की कोल किल्न में अचानक तेज धमाका हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि जलता हुआ कोयला और भारी मलबा आसपास काम कर रहे मजदूरों पर जा गिरा। कुछ ही पलों में पूरे क्षेत्र में काले धुएं का गुबार फैल गया, जिसे दूर-दराज से देखा जा सकता था। काम कर रहे कर्मचारियों में भगदड़ मच गई और कई लोग झुलस गए।
रेस्क्यू ऑपरेशन तेज, अस्पतालों में भर्ती घायल
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू कर्मियों ने घायलों को बाहर निकालकर तुरंत भाटापारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार कई मजदूर गंभीर रूप से झुलसे हुए हैं और उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है। मलबे में कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका के चलते सर्च ऑपरेशन जारी है।
तकनीकी खराबी या दबाव बना हादसे की वजह?
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि कोल भट्ठी में अत्यधिक दबाव या किसी तकनीकी गड़बड़ी के कारण यह विस्फोट हुआ। विशेषज्ञ टीम भट्ठी की संरचना, तापमान नियंत्रण प्रणाली और सुरक्षा उपकरणों की जांच कर रही है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी चल रही है और प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहा है।
सरकार ने लिया संज्ञान, मुआवजे के निर्देश
राज्य सरकार ने इस दर्दनाक हादसे पर संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने और दोषियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की दोबारा समीक्षा कराने की बात भी कही गई है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
क्या होता है स्पंज आयरन प्लांट में?
स्पंज आयरन प्लांट में लौह अयस्क से डायरेक्ट रिडक्शन तकनीक के जरिए स्पंज आयरन बनाया जाता है। इस प्रक्रिया में कोयला या गैस की मदद से अयस्क से ऑक्सीजन हटाई जाती है। तैयार स्पंज आयरन स्टील उद्योग के लिए अहम कच्चा माल होता है। हालांकि, अत्यधिक तापमान और दबाव के कारण यहां काम करना जोखिमभरा होता है, इसलिए कड़े सुरक्षा इंतजाम बेहद जरूरी माने जाते हैं।