बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ एक और फैसला सामने आने वाला है। इससे दो फैसले कोर्ट ने सुना दिए हैं। इनमें से एक आईसीटी यानी देश की इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने सुनाया है। हसीना को मानवता का दुश्मन मानते हुए सजा-ए-मौत सुनाई गई है। वहीं दूसरे मामले में भ्रष्टाचार की दोषी मानते हुए 5 साल की सजा का ऐलान हुआ। अभी ये सिलसिला जारी है। एक और मामले में सुनवाई 9 दिसंबर को होनी है। स्थानीय मीडिया ने रविवार को इसकी जानकारी दी।
इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने हसीना और 13 पूर्व और मौजूदा आर्मी अधिकारियों को आरोपी बनाया है। अवामी लीग के लंबे कार्यकाल के दौरान आयनाघोर सेल में मानवता विरुद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार मानते हुए मंगलवार को सुनवाई तय की है।
मामले तय कर अपनी सुनवाई पूरी कर ली है
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अभियोजन पक्ष ने औपचारिक तौर पर मामले तय कर अपनी सुनवाई पूरी कर ली है और मंगलवार को ट्रिब्यूनल, बचाव पक्ष की दलीलों सुनेगा। जस्टिस एमडी गोलाम मुर्तुजा मजूमदार की अगु्वााई वाली तीन सदस्यीय इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल-1 बेंच ने रविवार को तारीख तय की।
26 लोगों के अगवा होने की बात बताई
मुख्य अभियोजक मोहम्मद ताजुल इस्लाम ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश होकर आयनाघोर सेल में सरकार विरोधी गुटों से जुड़े लोगों के गायब होने और यातना की विस्तृत रिपोर्ट पेश की। उन्होंने 22 अक्टूबर, 2015 और 5 अगस्त, 2024 के बीच 26 लोगों के अगवा होने की बात बताई। मुख्य अभियोजक ने पांच मामले फाइल किए और ट्रिब्यूनल से 13 आरोपियों के खिलाफ चार्ज तय करने या मुकदमा शुरू करने का आग्रह किया।
कड़ी सुरक्षा में पेश किया गया
गिरफ्तार किए गए 13 में से तीन आर्मी अफसर हैं। उन्हें रविवार सुबह ढाका कैंटोनमेंट की स्पेशल जेल से कड़ी सुरक्षा में पेश किया गया। इन अफसरों में डीजीएफआई के पूर्व निदेशक मेजर जनरल शेख मोहम्मद सरवर हुसैन, ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद महबूबुर रहमान सिद्दीकी और ब्रिगेडियर जनरल अहमद तनवीर मजहर सिद्दीकी शामिल हैं।