अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को दोषी ठहराए जाने का विरोध हो रहा है। अवामी लीग ने मंगलवार को देशव्यापी बंद की घोषणा की है। पार्टी ने अदालत के फैसले को अवैध करार दिया है। ऐलान किया है कि 19-21 नवंबर तक पूरे देश में विरोध प्रदर्शन होगा। पार्टी ने बांग्लादेश की आईसीटी के फैसले पर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का कहा कि उनकी अध्यक्ष के खिलाफ हास्यास्पद मुकदमा चलाया गया।
मौत की सजा सुना दी
सोमवार को आईसीटी (इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल) ने शेख हसीना को मानवता के विरुद्ध अपराध का दोषी माना है। उन्हें मौत की सजा सुनाई। इसके कुछ ही घंटों बाद विरोध प्रदर्शन का ऐलान अवामी लीग ने किया। आईसीटी ने हसीना के दो शीर्ष सहयोगियों को दोषी माना है। पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को मौत की सजा सुनाई है। वहीं पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-ममुन (जो सरकारी गवाह बन गए थे) को पांच साल कैद की सजा दी गई है।
एक अवैध फैसला सुनाया गया
अवामी लीग ने इस केस में बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि सोमवार को प्रधानमंत्री, बंगबंधु की बेटी शेख हसीना और अन्य के खिलाफ अवैध आईसीटी ट्रिब्यूनल के चलाए हास्यास्पद केस के जरिए से एक अवैध फैसला सुनाया गया है। यह फैसला पूरी तरह से अवैध है और फासीवादी यूनुस और उनके सहयोगियों की मंशा के अनुरूप है। फैसला बांग्लादेश के कानून और न्याय व्यवस्था को तारतार कियाा है। यह मानवता-विरोधी युद्ध अपराधियों के मुकदमों का बदला लेने की मंशा दर्शाता है। ऐसे में आरोपों और अपराधों को साबित करने में विफल रहने के बाद भी यह फैसला सुनाया गया।
बांग्लादेश को नष्ट करना साजिश है
बयान में आगे बताया गया कि यह राज्य-विरोधी और स्वतंत्रता-विरोधी ताकतों की संयुक्त रूप से रची गई साजिश की तरह है। इसका लक्षय मुक्ति संग्राम से आजादी हासिल करने वाले बांग्लादेश को नष्ट करना है। बंगाल के लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे। हम इस अवैध ट्रिब्यूनल की ओर से दिए फैसले का कड़ा विरोध करते हैं।