बांग्लादेश ने सिलहट में खेले गए टेस्ट मैच में आयरलैंड को पारी और 47 रन से हराकर चार दिनों के भीतर मुकाबला खत्म कर दिया. इस जीत में सबसे बड़ा योगदान महमूदुल हसन जॉय के 171 रन, कप्तान नजमुल हुसैन शांतो के 100 रन और गेंदबाज हसन मुराद के 4 विकेट का रहा. इन सभी प्रदर्शन ने मिलकर बांग्लादेश को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और टीम को एकतरफा जीत दिलाई. बांग्लादेश की पहली पारी 587/8 पर घोषित की गई थी, जिसके जवाब में आयरलैंड अपनी दोनों पारियों में केवल 286 और 254 रन ही बना सका.
नाहिद राणा ने विकेट दिलाकर माहौल बदला
आयरलैंड ने चौथे दिन लंच के बाद तक मुकाबला खींचकर थोड़ी मजबूती दिखाई. तीसरे दिन आधी टीम खो देने के बावजूद एंडी मैकब्राइन ने धैर्य दिखाते हुए 52 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली. घायल उंगली के चलते देर से आए बल्लेबाज एंडी बलबिर्नी 38 रन के साथ उन्होंने सातवें विकेट के लिए 66 रन जोड़े. लेकिन लंच के बाद दूसरी ही गेंद पर नाहिद राणा ने मैकब्राइन को पुल शॉट पर मिडविकेट में कैच कराकर बांग्लादेश को अहम सफलता दिला दी.
DRS ने आयरलैंड के पक्ष में फैसले बदले
इसके बाद आयरलैंड की पारी थोड़ी देर के लिए बैरी मैकार्थी (25) और जॉर्डन नील (36) की बदौलत टिकी रही. दोनों ने नौवें विकेट के लिए 54 रन जोड़कर बांग्लादेश को थोड़ा इंतजार जरूर कराया, लेकिन अंत में मैकार्थी के आउट होते ही मैच खत्म हो गया. इससे पहले सुबह के सत्र में DRS ने आयरलैंड के पक्ष में कुछ फैसले बदले, जिसमें मैथ्यू हम्फ्रीज़ और मैकब्राइन के विवादित रिव्यू शामिल थे. इसके बावजूद मुराद ने बलबिर्नी को LBW कर आयरलैंड के लिए मुश्किलें बढ़ा दीं। आयरलैंड की दूसरी पारी की शुरुआत ही खराब रही क्योंकि वे 301 रन से पीछे थे। पॉल स्टर्लिंग ने 43 रन बनाकर थोड़ी उम्मीद जगाई, लेकिन उनकी रनआउट ने टीम की कमर तोड़ दी। चौथे दिन आयरलैंड को एक बहुत बड़ा पहाड़ चढ़ना था, लेकिन मुराद, तैजुल और बाकी बांग्लादेशी गेंदबाजों ने मिलकर काम आसान कर दिया।