बांग्लादेश क्रिकेट में पिछले कुछ दिनों से चल रहा बड़ा विवाद अब फिलहाल शांत होता दिख रहा है। बोर्ड के एक सीनियर अधिकारी के बयान से भड़के खिलाड़ियों ने अपना विद्रोह खत्म कर दिया है। खिलाड़ियों के बायकॉट के कारण स्थगित की गई बांग्लादेश प्रीमियर लीग अब दोबारा शुरू होने जा रही है। बोर्ड और खिलाड़ियों के बीच बातचीत के बाद देर रात सुलह का रास्ता निकला। अब उम्मीद है कि 16 जनवरी से बीपीएल के मैच फिर से खेले जाएंगे।
बोर्ड के लिए मुश्किल भरे 30 घंटे
भारत और आईसीसी के साथ टी20 विश्व कप को लेकर पहले से तनाव झेल रहे बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के लिए ये 30 से 35 घंटे बेहद भारी रहे। एक बयान ने ऐसा तूफान खड़ा किया कि खिलाड़ियों ने खुलकर बगावत कर दी। घरेलू लीग के मैच टालने पड़े और बोर्ड को पूरी दुनिया के सामने शर्मिंदगी झेलनी पड़ी। क्रिकेट बोर्ड हालात संभालने की कोशिश करता रहा, लेकिन मामला हाथ से निकलता नजर आया।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई
यह पूरा विवाद 14 जनवरी को शुरू हुआ, जब बोर्ड के एक डायरेक्टर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विवादित बयान दे दिया। उन्होंने कहा कि अगर बांग्लादेश टी20 विश्व कप में नहीं खेलता, तो बोर्ड को कोई नुकसान नहीं होगा, नुकसान सिर्फ खिलाड़ियों को होगा क्योंकि उन्हें मैच फीस नहीं मिलेगी। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि बोर्ड पहले ही खिलाड़ियों पर करोड़ों खर्च कर चुका है और बदले में कोई बड़ा प्रदर्शन नहीं मिला।
खिलाड़ियों का बायकॉट और सख्त रुख
इस बयान के बाद खिलाड़ी भड़क गए। क्रिकेट वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले खिलाड़ियों ने बीपीएल का बायकॉट करने की घोषणा कर दी। उन्होंने साफ कहा कि जब तक उस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, वे किसी टूर्नामेंट में नहीं खेलेंगे। 15 जनवरी को हालात तब और बिगड़े, जब बीपीएल के मैच टालने पड़े और खिलाड़ियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना गुस्सा जाहिर किया।
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मैच रद्द और बोर्ड की कार्रवाई
खिलाड़ियों के अड़ियल रुख के कारण 15 जनवरी को दिन के दो मैच रद्द करने पड़े और बीपीएल को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया। दबाव में आए बोर्ड ने संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी किया और फाइनेंस कमेटी के अध्यक्ष पद से हटा दिया। हालांकि उन्हें डायरेक्टर पद पर जांच पूरी होने तक बनाए रखा गया।
देर रात सुलह और नई शुरुआत
लगातार बैठकों और बातचीत के बाद आखिरकार 15 जनवरी की रात सुलह हो गई। रात करीब पौने बारह बजे बोर्ड और खिलाड़ियों ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विद्रोह खत्म करने का ऐलान किया। खिलाड़ियों ने कहा कि वे देश और क्रिकेट की भलाई के लिए मैदान में लौटने को तैयार हैं। अब हालात सामान्य होने की उम्मीद है और बीपीएल फिर से पटरी पर लौटती दिख रही है।