बांग्लादेश के 13वें राष्ट्रीय चुनाव के नतीजों ने दक्षिण एशिया की राजनीति में बड़ा संदेश दिया है। Bangladesh Nationalist Party (बीएनपी) ने 209 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। भारत विरोधी बयानबाजी के लिए चर्चित Mamunul Haque को ढाका-13 सीट से हार का सामना करना पड़ा। वहीं भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने तारिक रहमान को जीत की बधाई दी, जिस पर सियासी हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है।
बीएनपी की ऐतिहासिक जीत, 209 सीटों पर कब्जा
बांग्लादेश में हुए आम चुनाव में Tarique Rahman के नेतृत्व वाली बीएनपी ने शानदार प्रदर्शन किया। पार्टी ने 209 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। सहयोगी दलों को भी अच्छी संख्या में सीटें मिलीं। चुनाव आयोग द्वारा अंतिम घोषणा जल्द किए जाने की संभावना है, लेकिन रुझानों ने सत्ता परिवर्तन की तस्वीर साफ कर दी है।
भारत विरोधी मौलाना मामूनुल हक की करारी हार
ढाका-13 सीट से चुनाव लड़ रहे मौलाना मामूनुल हक को करारी शिकस्त मिली। वे भारत के खिलाफ अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहे हैं। इस सीट से बीएनपी समर्थित उम्मीदवार बॉबी हज्जाज ने करीब चार हजार वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। इस हार को कट्टरपंथी राजनीति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
तीन सीटों के नतीजे स्थगित, एनसीपी का धांधली आरोप
चुनाव आयोग ने शेरपुर-2, चटगांव-2 और चटगांव-4 सीटों के नतीजे फिलहाल रोक दिए हैं। विजयी प्रत्याशियों से जुड़े कानूनी मामलों के कारण यह फैसला लिया गया। वहीं नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) ने कई सीटों पर धांधली का आरोप लगाते हुए दोबारा मतगणना की मांग की है। पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि कुछ केंद्रों पर परिणामों में अनियमितता हुई है।
7 महिला उम्मीदवारों की जीत, बदली सियासी तस्वीर
इस चुनाव में सात महिला उम्मीदवारों ने संसद में जगह बनाई है। इनमें छह बीएनपी से और एक निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं। इसे बांग्लादेश की राजनीति में महिला भागीदारी के बढ़ते प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नई संसद में महिला प्रतिनिधित्व नीतिगत फैसलों को नई दिशा दे सकता है।
पीएम मोदी की बधाई और शपथ की तैयारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को जीत की बधाई देते हुए इसे जनता के भरोसे का प्रतीक बताया। बीएनपी सूत्रों के मुताबिक, 14 फरवरी को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हो सकता है। जमात-ए-इस्लामी की हार और बीएनपी की जीत को भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिहाज से सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो सकती हैं।