बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मौत की सजा सुनाई गई है। इसके बाद से देश की नेशनल साइबर सिक्योरिटी एजेंसी ने मीडिया संगठनों से उनके बयान प्रसारित न करने का आग्रह किया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एजेंसी ने मंगलवार को यह निर्देश जारी किया।
असंवैधानिक रूप से दबाने की कोशिश
यह कदम अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की ओर से अवामी लीग और उसकी नेता शेख हसीना की गतिविधियों को असंवैधानिक रूप से दबाने की कोशिश के रूप में माना जा रहा है।
गंभीर रूप से चिंतित है
नेशनल साइबर सिक्योरिटी एजेंसी का कहना है कि वह इस बात को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है कि कुछ मीडिया संस्थान दोषी करार दी गई पूर्व पीएम के बयानों को प्रसारित कर रहे हैं। वह देश छोड़कर फरार हैं। एजेंसी के अनुसाऱ , ये बयान हिंसा, अव्यवस्था और आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा दे सकते हैं।
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कानूनी जिम्मेदारियों का ध्यान रखें
एजेंसी ने भले ही प्रेस की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आज़ादी को लेकर अपना मत सामने रखा है। मगर उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि कि वे दोषसिद्ध व्यक्तियों के बयान को प्रकाशित नहीं करना चाहिए। इस दौरान अपनी कानूनी जिम्मेदारियों काे ध्यान में रखना चाहिए।
शासन के लिए बड़ा खतरा है
इस बीच, कई पत्रकारों ने पूर्व पीएम शेख हसीना के खिलाफ लिए गए फैसले को लेकर गंभीर चिंता जताई है। पत्रकारों ने चेताया है कि बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण की पक्षपातपूर्ण प्रक्रिया एक खतरा है। ये अपारदर्शी है। दक्षिण एशियाई देश में कानून के शासन के लिए बड़ा डर है। यह बयान उस वक्त सामने आया जब आईसीटी ने सोमवार को जुलाई 2024 के प्रदर्शनों से जुड़े मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोपों में हसीना को मौत की सजा सुनाई है।