INDIA-BANGLADESH DIPLOMACY---बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के संभावित भारत दौरे को लेकर शुक्रवार को अचानक नया ट्विस्ट सामने आया। राष्ट्रपति भवन ने पहले एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि 22 अगस्त को होने वाला ‘चेंज ऑफ गार्ड’ समारोह नहीं होगा, क्योंकि बांग्लादेशी प्रधानमंत्री के औपचारिक स्वागत की रिहर्सल होनी है। लेकिन करीब एक घंटे के भीतर ही राष्ट्रपति भवन ने यह विज्ञप्ति वापस ले ली। इससे तारिक रहमान के भारत दौरे को लेकर स्थिति एक बार फिर असमंजस में आ गई है।
पहले स्वागत की तैयारी का दिया गया था संकेत
राष्ट्रपति भवन की शुरुआती विज्ञप्ति में कहा गया था कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के औपचारिक स्वागत की पूरी रिहर्सल के चलते शनिवार को फोरकोर्ट में होने वाला ‘चेंज ऑफ गार्ड’ समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा। इस संदेश से संकेत मिला कि तारिक रहमान के भारत आने की तैयारियां चल रही हैं।लेकिन कुछ ही देर बाद राष्ट्रपति भवन ने एक नया संदेश जारी कर पिछली प्रेस विज्ञप्ति वापस लेने की जानकारी दी। इससे संभावित दौरे की आधिकारिक स्थिति पर सवाल खड़े हो गए।
दौरे पर ढाका की तरफ से भी नहीं मिली पुष्टि
तारिक रहमान के भारत दौरे को लेकर अभी तक बांग्लादेश की ओर से अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ढाका का कहना है कि दौरे को लेकर फैसला अभी बाकी है। बांग्लादेशी प्रधानमंत्री के प्रेस सचिव ने भी कहा कि भारत यात्रा पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा अहम
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का मुद्दा दोनों देशों के रिश्तों में अहम बना हुआ है। हसीना 2024 में बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश की ओर से उनके प्रत्यर्पण की मांग की जाती रही है, जबकि भारत ने कहा है कि इस संबंध में मिले अनुरोधों की तय प्रक्रिया के तहत समीक्षा की जा रही है।
भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर नजर
तारिक रहमान का संभावित भारत दौरा दोनों देशों के बीच रिश्तों को सामान्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, आपसी भरोसे और शेख हसीना से जुड़े मुद्दे के कारण कूटनीतिक बातचीत आसान नहीं रही है। फिलहाल राष्ट्रपति भवन की प्रेस विज्ञप्ति वापस लिए जाने के बाद यह साफ नहीं है कि तारिक रहमान का भारत दौरा कब और किस कार्यक्रम के तहत होगा। अब दोनों देशों की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।