बांग्लादेश में सियासी हालात एक बार फिर अस्थिर होते नजर आ रहे हैं। विद्रोही छात्र नेता उस्मान हादी की मौत के बाद देशभर में भड़की हिंसा के बीच अंतरिम सरकार को बड़ा झटका लगा है। इसी बीच 17 साल बाद तारिक रहमान की स्वदेश वापसी ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है। चुनाव से ठीक पहले हालात तेजी से बदल रहे हैं।
हिंसा के बीच यूनुस सरकार को बड़ा झटका
बांग्लादेश में जारी हिंसक घटनाओं के बीच अंतरिम सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार में गृह मंत्रालय के विशेष सहायक खुदाबख्श चौधरी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा राष्ट्रपति द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद इसे अंतरिम सरकार से चौथा बड़ा इस्तीफा माना जा रहा है। खुदाबख्श चौधरी इससे पहले देश के पुलिस महानिदेशक रह चुके हैं और उन्हें हाल ही में विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
उस्मान हादी की मौत के बाद बिगड़े हालात
छात्र नेता उस्मान हादी की मौत के बाद से बांग्लादेश के कई हिस्सों में हालात बेकाबू हो गए हैं। राजधानी ढाका समेत कई शहरों में प्रदर्शन हिंसक रूप ले चुके हैं। गुस्साई भीड़ ने सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों को निशाना बनाया, जिससे कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हालात इतने तनावपूर्ण हैं कि राजधानी में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
ढाका में बम धमाका, सुरक्षा पर सवाल
तारिक रहमान की वापसी से ठीक एक दिन पहले ढाका में एक चर्च के पास बम धमाके की घटना सामने आई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस घटना ने पहले से डरे हुए माहौल को और भयावह बना दिया है। राजधानी में आम लोगों के बीच दहशत का माहौल है और चुनावी तैयारियों पर भी इसका असर पड़ता दिख रहा है।
17 साल बाद लौटे तारिक रहमान
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान 17 साल बाद अपने देश लौट आए हैं। एयरपोर्ट के बाहर उनके स्वागत के लिए बड़ी संख्या में समर्थक जुटे, जिससे साफ है कि उनकी वापसी को विपक्षी राजनीति के लिए बड़ा मोड़ माना जा रहा है। भ्रष्टाचार मामलों के चलते देश छोड़ने वाले तारिक रहमान अब एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गए हैं।
चुनाव से पहले सियासी समीकरण
देश में प्रस्तावित आम चुनाव में अब दो महीने से भी कम समय बचा है। मौजूदा हालात ऐसे समय पर बने हैं जब अवामी लीग पर प्रतिबंध है और विपक्षी खेमे को मजबूत माना जा रहा है। खालिदा जिया की खराब सेहत के चलते तारिक रहमान को भावी नेतृत्वकर्ता के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसे में आने वाले हफ्ते बांग्लादेश की राजनीति के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं।