INDIA-BANGLADESH RELATIONS: बांग्लादेश और भारत के रिश्तों में एक बार फिर तनाव के संकेत मिले हैं। BRICS शिखर सम्मेलन में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को आमंत्रण नहीं मिलने पर वहां नाराजगी सामने आई है। इसी बीच बांग्लादेश की सरकार भारत के साथ हुए 101 समझौतों और MoU की समीक्षा कर रही है। सत्ता पक्ष के मुख्य सचेतक नूरुल इस्लाम मोनी ने संसद में कहा कि समीक्षा के बाद जल्द ही इन समझौतों को लेकर फैसले सामने आ सकते हैं।
101 समझौतों की हो रही समीक्षा
बांग्लादेश की सत्ताधारी पार्टी BNP के मुख्य सचेतक नूरुल इस्लाम मोनी ने संसद के 13वें सत्र के दौरान भारत के साथ हुए 101 समझौतों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार इन सभी MoU की समीक्षा कर रही है और जल्द ही इसका नतीजा सामने आएगा।
कौन से समझौते रहेंगे, तस्वीर साफ नहीं
मोनी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इनमें से किन समझौतों को जारी रखा जाएगा और किन्हें रद्द या बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता दे रही है और पिछली सरकार के दौरान हुए कुछ ऐसे समझौतों से पीछे हट रही है, जिन्हें वह अनुचित मानती है।
बंदरगाह समझौतों पर भी सवाल
बांग्लादेशी पक्ष की ओर से चट्टोग्राम और मोंगला बंदरगाहों के इस्तेमाल से जुड़े समझौतों का भी मुद्दा उठाया गया। मोनी ने पिछली सरकार की कुछ बंदरगाह नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि भविष्य के राजनयिक रिश्तों में बांग्लादेश अपनी संप्रभुता और घरेलू हितों को प्राथमिकता देगा।
BRICS में न्योता नहीं मिलने पर नाराजगी
BRICS शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री तारिक रहमान को आमंत्रित नहीं किए जाने पर भी मोनी ने नाराजगी जताई। उनके मुताबिक, एक स्वतंत्र देश के प्रधानमंत्री को आमंत्रित नहीं किया जाना निराशाजनक है। इस बयान के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों को लेकर राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है।
जल्द सामने आ सकता है सरकार का फैसला
101 समझौतों की समीक्षा के बाद बांग्लादेश सरकार क्या कदम उठाती है, इस पर अब नजर रहेगी। अभी यह साफ नहीं है कि कितने समझौतों में बदलाव होगा या कितने रद्द किए जाएंगे। हालांकि, मुख्य सचेतक के बयान से संकेत मिल रहा है कि आने वाले दिनों में भारत के साथ कई समझौतों को लेकर बांग्लादेश की नीति में बदलाव देखने को मिल सकता है।